राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि गंगा सफाई के लिए शुरू किया गया नमामि गंगे अभियान सामूहिक भागीदारी से ही सफल हो सकता है। गंगा में हर रोज हजारों टन गंदगी फेंकी जाती है। इसे रोकने के लिए जनता को अपनी मानसिकता बदलनी होगी।
नाईक बुधवार को राजभवन में मुंबई की एक मासिक पत्रिका के गंगा विशेषांक के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, देश में 2014 में जनक्रांति हुई। इसी के बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और केंद्र में हुए इसी सत्ता परिवर्तन के कारण वे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बने।
मोदी ने जो प्राथमिकताएं तय कीं, उनमें गंगा की सफाई मुख्य है। इसके लिए उन्होंने नमामि गंगे योजना शुरू की। जिस वक्त ‘राम तेरी गंगा मैली हो गई’ फिल्म बनी थी, तब की तुलना में गंगा और ज्यादा गंदी हो गई है। इसे साफ करने का दायित्व सभी का है।
सदियों से पवित्रता की प्रतीक गंगा की शुद्धता को बहाल करके ही इसे और सुंदर, निर्मल और अविरल बनाया जा सकता है। गंगा की सफाई के लिए गोमती को भी शुद्ध करना होगा। इसके लिए सभी को संकल्प लेना होगा।
समाज की मानसिकता नहीं बदली, सामूहिक प्रयास नहीं किए गए तो गंगा की सफाई का काम अधूरा रहेगा। इस मौके पर राज्यपाल की पत्नी कुन्दा नाईक, अमोल एन पेडनेकर, वीरेंद्र याज्ञनिक, अजय याज्ञनिक, पल्लवी, अखिलेश चौबे, संजय सिंह, पवन पुत्र बादल, प्रदीप गुप्ता और शतरुद्र प्रताप आदि मौजूद रहे।