नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मरीन ड्राइव पर कुल पांच टेलीस्कोप लगाए गये। जिसमें चार टेलीस्कोप से जनसामान्य खगोलीय घटना के साक्षी बने। वहीं, एक टेलीस्कोप से फोटोग्राफी की गई।
गोमतीनगर स्थित मरीन ड्राइव पर मंगलवार शाम चार बजते ही लोग इस वर्ष के अंतिम सूर्यग्रहण को देखने उमड़ पड़े। देशी संग विदेशी भी गोमती तट पर इस खगोलीय घटना के साक्षी बने। इस दौरान लोगों ने टेलीस्कोप से सूर्यग्रहण का नजारा निशुल्क देखा। यह आयोजन इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला के यूपी अम्च्योर एस्ट्रोनामर्स क्लब द्वारा किया गया।
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नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मरीन ड्राइव पर कुल पांच टेलीस्कोप लगाए गये। जिसमें चार टेलीस्कोप से जनसामान्य खगोलीय घटना के साक्षी बने। वहीं, एक टेलीस्कोप से फोटोग्राफी की गई।
उन्होंने बताया कि लखनऊ में आंशिक सूर्यग्रहण चार बजकर 36 मिनट से शुरू होकर शाम पांच बजकर 29 मिनट तक ही दिखाई दिया। इस समय सूर्य का करीब 36.93 प्रतिशत भाग चंद्रमा की छाया से ढका नजर आया। लखनऊ में सूर्यग्रहण की अवधि अधिकतम 53 मिनट की रही।
अब 2030 में दिखेगा सूर्यग्रहण
इस सूर्यग्रहण के बाद वर्ष 2030 तक कोई सूर्यग्रहण भारतवर्ष से दिखायी नहीं देगा। अगला आंशिक सूर्यग्रहण दिनांक एक जून 2030 को लखनऊ से दिखाई देगा।