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दिल्ली चुनाव: अवध ओझा की हार पर गोंडा वासी बोले- मनीष सिसोदिया से कार्यकर्ताओं की नाराजगी बनी हार की वजह

Sun, 09 Feb 2025 04:05 PM IST
ishwar ashish नंदलाल तिवारी, अमर उजाला, गोंडा

सार

दिल्ली विधानसभा चुनाव में पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी अवध ओझा की हार से गोंडा के लोग निराश हैं पर उनका मनोबल नहीं टूटा है। उन्होंने हार की वजह पर चर्चा की।
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अवध ओझा, गोंडा निवासी, डॉ. अभय श्रीवास्तव व सुबोध मिश्र। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दिल्ली के चुनाव से गोंडा को काफी उम्मीदें थी। पटपड़गंज से सियासत के मैदान में उतरे गोंडा के अवध ओझा की हार से यहां के लोगों के सपने टूटे जरूर हैं लेकिन लोग कह रहे हैं कि पहली बार लड़े, अच्छा लड़े। हार से विचलित नहीं होना है। हार जरूर हुई है लेकिन मनोबल नहीं टूटा है। 

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करीबी कटरा बाजार क्षेत्र के सुबोध मिश्र कहते हैं कि अवध ओझा उन विरले व्यक्तियों में हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं। दिल्ली की जनता समझ नहीं सकी लेकिन देर है अंधेर नहीं। कहा कि हार की पहली मुख्य वजह रही कम समय। दूसरी रही पटपड़गंज से मनीष सिसोदिया से कुछ कार्यकर्ताओं की नाराज़गी व सत्ता विरोधी लहर।

- युवा सोच के अनिल सिंह का कहना है कि अवध ओझा एक दिन सफल होंगे। पहली बार चुनाव लड़े थे, आगे अभी बहुत कुछ करने का समय है।

- महाराजगंज मुहल्ला निवासी अभय श्रीवास्तव का कहना है कि देश के महान शिक्षाविद ने राजनीति में एक नई पहल की है जिसमें शिक्षकों की महती भूमिका को निर्णायक करने की पहल की है। वह कहते हैं कि मैनेज करने में चूक हुई है।
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युवाओं को थी उम्मीदें, भरोसा अभी भी कायम

यूपीएससी की तैयारी कर रहे मालवीय नगर के राजन सिंह ने कहा कि हम लोगों के लिए अवध ओझा एक साहस हैं। भरोसा जताया कि आज नहीं तो कल वह राजनीति में सफल होंगे। प्रियंका कहती हैं कि कोई बात नहीं इस बार चूक हुई लेकिन आगे वह सफल होंगे और दिल्ली दुरुस्त करेंगे।

फातिमा से की थी इंटर तक की पढ़ाई
मां संतोष ओझा ने बताया कि उनका मूल गांव वजीरगंज के गोरख ओझक पुरवा है। रानीपुरवा जानकीनगर में वह लोग रहते हैं। अवध ओझा की इंटर तक की पढ़ाई फातिमा स्कूल से हुई हैं। आगे की पढ़ाई प्रयागराज से हुई। इसके बाद वह दिल्ली चले गए। शहर के सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले अवध ओझा की मां संतोष ओझा कांग्रेस से जुड़ने के साथ ही पेशे से अधिवक्ता हैं और सिविल बार एसोसिएशन में वरिष्ठतम उपाध्यक्ष हैं।
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