अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर।
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भैया, जब से भाजपा अयोध्या में हारी है, यहां साथ में काम करने वाले अब साथ बैठना भी उचित नहीं समझते हैं। अयोध्या के तीन लोगों को गद्दार कहकर उनके साथ भोजन भी नहीं कर रहे हैं। मनकापुर के एक व्यक्ति को तो नौकरी से ही निकाल दिया...। यह व्यथा हरिद्वार में नौकरी कर रहे एक युवक ने अपने भाई से फोन पर सुनाई तो परिजन दंग रह गए।
राम मंदिर बनने के बाद भी अयोध्या जैसी प्रतिष्ठापूर्ण सीट से इस बार इंडिया गठबंधन के अवधेश प्रसाद जीत गए हैं। इसके बाद से अयोध्यावासियों का समूचे देश में तिरस्कार शुरू हो गया है। लोग गद्दार कहकर उन्हें संबोधित कर रहे हैं और राम विरोधी समेत अन्य टिप्पणियां कर रहे हैं। देश के विभिन्न स्थानों पर जाकर नौकरी कर रहे युवाओं को भी इसका दंश झेलना पड़ रहा है। लोग परिजनों से फोन पर भी तिरस्कार की कहानी बयां कर रहे हैं। दूर शहर में रह रहे अपने घर के चिराग के साथ किसी तरह की अनहोनी को लेकर परिजन भी भयभीत हो गए हैं।
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कोतवाली अयोध्या के दर्शननगर क्षेत्र में रहने वाले अमरीष पाठक ने बताया कि उनका चचेरा भाई हरिद्वार के एक कंपनी में इंजीनियर है। शनिवार की देररात उसने फोन किया और बताया कि अयोध्या में भाजपा के चुनाव हारने के बाद से फैक्ट्री में काम कर रहे लोगों का बर्ताव बदल गया है। लोग बात करने, साथ में चाय-नाश्ता व भोजन करने तक से कतरा रहे हैं। हर समय गद्दार कहकर कटाक्ष करते हैं। मनकापुर निवासी एक व्यक्ति से इसी बात को लेकर बहस होने पर जीएम ने नौकरी तक से निकाल दिया। इससे और भय लग रहा है।
जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से परदेश में नौकरी करने गए लोगों को भी इसी तरह से अपमानित किया जा रहा है। इसे लेकर अब जिले से भी विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं। आशापुर निवासी अखिलेश तिवारी ने कहा कि यह लोगों की दूषित मानसिकता का प्रतीक है। इसे सरकार ने संज्ञान नहीं लिया तो परदेश कमाने गए युवाओं के साथ अनहोनी भी हो सकती है। सपा के अयोध्या विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष रक्षाराम यादव ने कहा कि देश का माहौल खराब करने के लिए इस तरह के कृत्य हो रहे हैं। इसे लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा।