लखनऊ में सहालग के मौसम में शादी के दौरान बैंडबाजा व डीजे बजवाने की अनुमति लेने में आवेदकों को पसीना छूट रहा है। लोग शादी की तैयारी छोड़ अनुमति के लिए थानों के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस लाइन से संबद्ध एसआई को कलेक्ट्रेट में बैठा कर संबंधित पुलिस थाने से बातचीत के आधार पर सीधे रिपोर्ट लगाने का कार्य नहीं हो पा रहा।
पुलिस विभाग ने बीते दस दिनों से पुलिस लाइन के तैनात एसआई को कलेक्ट्रेट से वापस बुला लिया है, जिससे आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है। शादी-विवाह अथवा अन्य मांगलिक उत्सव में बैंडबाजा व डीजे बजवाने की अनुमति के लिए आवेदन कलक्ट्रेट के कमरा नंबर 53 में जमा होते हैं।
सहालग सीजन होने के कारण हर दिन यहां अनुमति पाने को सौ से सवा सौ आवेदन जमा होते हैं। आयोजन की अनुमति लेना अनिवार्य होने के बाद जिलाधिकारी की पहल पर आवेदकों को परेशानी से बचाने के लिए पुलिस लाइन से एक एसआई की तैनाती कलक्ट्रेट में कराई गई थी जो कलेक्ट्रेट कक्ष में ही बैठकर फोन द्वारा संबंधित पुलिस थाने से बातचीत बाद अनुमति संबंधी रिपोर्ट लगाता था।
बीते पंद्रह दिनों से बिना किसी सूचना के पुलिस लाइन से आने वाला एसआई गैरहाजिर है। बताया गया कि पुलिस विभाग ने इसकी तैनाती कही और कर दी है। इसी कारण अब अनुमति जारी होने के लिए जरूरी पुलिस रिपोर्ट खुद आवेदक को ही संबंधित पुलिस थाने में जा कर लगवानी पड़ रही है।