केजीएमयू के आईसीयू में मरीजों के इलाज में लगे डॉक्टर अजय वर्मा बताते हैं कि रिकवरी की स्थिति में होने के बावजूद अचानक घबराहट और अवसाद में चले जाने की वजह से कई केस में हार्ट अटैक भी हो रहा है।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी कहते हैं कि डेथ ऑडिट के दौरान यह बात सामने आई है कि वायरस की चपेट में आने के बाद मरीज बेहद घबरा जाता है जिसकी वजह से उसे हार्टअटैक भी पड़ जाता है। हालांकि ऐसे केस की संख्या कम है। मरीज धैर्य रखें तो इन्हें बचाया जा सकता है।
ज्यादातर मरीज लंग्स फेल्योर की वजह से दम तोड़ रहे है। वायरस की वजह से लंग्स में संक्रमण बढ़ जाता है और जब मरीज अवसाद में चला जाता है तो उसके कई अन्य अंग भी प्रभावित होने लगते हैं। एसजीपीजीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉक्टर पीके गोयल कहते हैं कि हार्ट अटैक के कई कारण होते हैं। वायरस की वजह से सीधे हार्ट अटैक के केस नाममात्र के है, लेकिन जो लोग पहले से अधिक धूम्रपान करने वाले हैं अथवा नसों में ब्लॉकेज है वे जब वायरस की चपेट में आते हैं तो उनकी बीमारी बढ़ जाती है। फिर उन्हें संभालना मुश्किल हो जाता है।
वायरस की चपेट में आने के बाद घबराए नहीं। दवाएं लेते रहें। ऑक्सीजन लेवल जांचते रहें। होम आइसोलेशन में हों या अस्पताल में मन को शांत रखने का प्रयास करें। होम आइसोलेशन में हैं तो पौष्टिक भोजन लें। तरल पदार्थ का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें।