प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने भी राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा है, जिसमें पंचायत चुनाव की मतगणना को स्थगित किए जाने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा है कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के दौरान पोलिंग पार्टी में शामिल अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों ने ईमानदारी से दायित्वों का निर्वहन किया। इस दौरान काफी लोग संक्रमित हुए और मौतें भी हुईं। इससे बहुत पीड़ादायक और भय का माहौल बन गया है। इसलिए मानवीय संवेदना को प्राथमिकता देते हुए मतगणना स्थगित की जानी चाहिए।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री एवं जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने मतगणना के लिए ट्रेनिंग में भीड़ जुटाने की जगह ऑनलाइन प्रशिक्षण देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मतदान के बाद कई शिक्षक कोरोना की भेंट चढ़ गए, बहुत लोग संक्रमित हैं।
मतदान से ज्यादा संक्रमण प्रशिक्षण से हुआ है। अब मतगणना के लिए ट्रेनिंग होनी है, जिसमें पहले की तरह फिर भीड़ जुटेगी। ऑनलाइन ट्रेनिंग कराई जाए, जिससे शिक्षकों को संक्रमित होने से बचाया जा सके।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संयोजक रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को डीएम को दिए पत्र में कहा है कि मतगणना के लिए लगाए जा रहे राज्य कर्मचारियों को कोविड-19 से सुरक्षा के लिए प्रबंध किए जाएं, ताकि कर्मचारी खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
उन्होंने कहा है कि मतगणना में तैनात किए जाने से पहले कर्मचारियों की जांच की जाए। किसी भी प्रकार की बीमारी से ग्रसित कर्मचारी को मतगणना से अवमुक्त किया जाए।