यूपी पीसीएस एसोसिएशन ने मुख्य सचिव से वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी व मुजफ्फरनगर के निलंबित एडीएम हरिश्चंद्र तथा रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र सिंह चौहान से जुड़े विवाद की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की है। संघ ने गौतमबुद्ध नगर के डीएम व एसएसपी पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह व महासचिव पवन गंगवार ने शुक्रवार को मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय को एक ज्ञापन भेजा। इसकी प्रति प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव गृह को भी भेजी गई है।
एसोसिएशन ने इस पत्र में पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी देते हुए एडीएम के परिवार के विरुद्ध धारा-307 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज किए जाने की निंदा की है। एसोसिएशन ने कहा है कि संपूर्ण घटनाक्रम का फुटेज मौजूद है।
हरिश्चंद्र, उनकी पत्नी व बच्चों के द्वारा ऐसा कोई भी कार्य नहीं दिखाई दिया, जिसे हत्या का प्रयास माना जाए। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर बृजेश नारायण सिंह व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा निष्पक्षता के साथ काम न कर किसी के दबाव में धारा-307 (हत्या के प्रयास) जैसी त्रुटिपूर्ण कार्यवाही की जा रही है। इस पक्षपात पूर्ण कार्यवाही से प्रदेश भर के अफसरों में दु:ख व कुंठा का माहौल है।
एसोसिएशन ने मुख्य सचिव से संपूर्ण घटनाक्रम की न्यायिक जांच कराने की मांग की है ताकि रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र सिंह चौहान व हरिश्चंद्र के परिवार के साथ हुए विवाद में सत्य के साथ न्याय हो सके।
एसोसिएशन के महासचिव गंगवार ने बताया कि प्रकरण में जिस तरह एकपक्षीय कार्यवाही की जा रही है, उसमें अपना पक्ष रखने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा गया है।