यूपी में अच्छा प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को योगी सरकार पुरस्कृत करेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। मंगलवार को लखनऊ के लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में ये लिए गए फैसले- पहला निर्णय
स्वास्थ्य विभाग में दवाओं और उपकरणों की खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कॉर्पोरेशन बनने के बाद जिलास्तर और पर दवाइयां खरीदने की व्यवस्था बंद हो जाएगी। अस्पतालों में लोकल पर्चेजिंग (एलपी) भी मुमकिन नहीं हो सकेगी। राज्य सरकार का दावा है कि इससे दवाओं और उपकरणों की खरीद में होने वाला भ्रष्टाचार को खत्म करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में प्रदेश में दवाओं और उपकरण खरीद के लिए 1200 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इसमें केंद्र से एनएचएम के तहत मिलने वाले 300 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। वर्तमान में दर अनुबंध (रेट कॉन्ट्रैक्ट) के तहत दवाएं और उपकरण खरीदे जाते हैं। केंद्रीय औषधि भंडार डिपो (सीएमएसडी) के अंतर्गत टेंडर प्रक्रिया अपनाकर भी उपकरण खरीदे जाते हैं। दर अनुबंध की व्यवस्था में 80 फीसदी दवाएं जिलास्तर पर सीएमओ के माध्यम से खरीदी जाती हैं, जबकि राज्य मुख्यालय स्तर पर 20 फीसदी दवाएं ही खरीदी जाती हैं।
कैबिनेट फैसला-2, सुल्तानपुर में बनेगा एफएम रेडियो स्टेशन, राज्य सरकार देगी करीब एक एकड़ भूमि
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सुल्तानपुर में 10 किलोवाट के एफएम रेडियो स्टेशन की स्थापना के लिए 4050 वर्ग मीटर जमीन 90 साल की लीज पर दी जाएगी। आकाशवाणी और दूरदर्शन की ओर से आए इस प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गत 20 मार्च को आकाशवाणी और दूरदर्शन की ओर से प्रचार-प्रसार माध्यम को मजबूत बनाने के लिए एफएम रेडियो स्टेशन की स्थापना का प्रस्ताव भेजा गया था।
इसलिए कैबिनेट ने सदर तहसील के ग्राम छावनी मीरानपुर में 4050 वर्ग मीटर (करीब एक एकड़) जमीन मात्र एक रुपये में 90 साल की लीज पर देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। एफएम रेडियो स्टेशन की स्थापना से जहां सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में मदद मिलेगी, वहीं आपदा आने की भविष्यवाणी और आपदा प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
कैबिनेट फैसला-3, सिंचाई परियोजनाओं के लिए 791 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी
लखनऊ। प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटर शेड विकास कम्पोनेंट) लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए कैबिनेट ने 14वें वित्त आयोग की व्यवस्था के अनुरूप राज्य सरकार के बढ़े शेयर को स्वीकृत करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इससे राज्य सरकार को योजना के तहत चलाई जा रहीं 612 परियोजनाओं पर 791.81 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्र से राज्य को मिलने वाले बजट में करीब दोगुने की वृद्धि हुई है। साथ ही पहले योजनाओं में केंद्र और राज्य सरकार का शेयर 90:10 होता था, जिसे अब 60:40 कर दिया गया है। इसके तहत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (वाटर शेड विकास कम्पोनेंट) में सिंचाई विभाग और परती भूमि विकास विभाग की ओर से चलाई जा रही परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि की जरूरत थी। इसके तहत 791.81 करोड़ रुपये के बढ़े बजट को मंजूरी दे दी गई है।
कैबिनेट फैसला-4, हर ब्लॉक में बेहतर काम करने वाली तीन पंचायतें होंगी पुरस्कृत
प्रदेश में बेहतर काम करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना प्रारंभ करने का फैसला किया गया है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके लिए चालू वित्त वर्ष में 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गत 24 अप्रैल को आयोजित किए गए राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने बेहतर काम करने वाली पंचायतों को सम्मानित करने की घोषणा की थी। इसके तहत मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना में हर ब्लॉक में पेयजल, सफाई, स्कूल प्रबंधन और सौर ऊर्जा आदि क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाली तीन ग्राम पंचायतों का चयन होगा।
इस तरह से प्रदेश में हर साल कुल 2463 ग्राम पंचायतें सम्मानित होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट सिटी की तर्ज पर ही स्मार्ट ग्राम पंचायत बनाने का एलान किया था। इस सपने को पूरा करने के लिए यह योजना शुरू की गई है।