पूर्वांचल में महामारी कही जाने वाली बीमारी दिमागी बुखार (जेई-एईएस) के मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो साल के कार्यकाल में ही दिमागी बुखार के मरीजों में 35 फीसदी और इससे होने वाली मौतों में 63 फीसदी की कमी आई है।
इससे पहले मरीजों और मौतों का आंकड़ा हजारों में होता था। सरकार का दावा है कि अगले दो साल में प्रदेश से जेई-एईएस का सफाया कर दिया जाएगा। प्रदेश के लगभग 38 जिले दिमागी बुखार से प्रभावित हैं। इनमें गोरखपुर मंडल के गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज और बस्ती मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर सबसे अधिक प्रभावित हैं।
देवीपाटन मंडल के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखनऊ मंडल के लखनऊ,रायबरेली, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव व लखीमपुर खीरी तथा अयोध्या मंडल के बाराबंकी को भी इस बार जेई-एईएस नियंत्रण वाले जिलों के रूप में शामिल किया गया है।
दस्तक अभियान और संचारी रोग नियंत्रण अभियान के जरिए नोडल स्वास्थ्य विभाग सहित 12 सरकारी विभागों, यूनीसेफ, डब्लूएचओ और पाथ संस्था की मदद से जेई-एईएस के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है। संचारी रोगों से जुड़ी सूचनाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 180091805145 भी जारी किया है।