लखनऊ। नगराम सीएचसी में सोनोलॉजिस्ट तैनात न होने से अल्ट्रासाउंड जांच चार माह से बंद है। मरीजों को जांच के लिए 25 किमी की लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। वहां भी आसानी से जांच संभव न होने पर मरीजों को निजी केंद्र जाना पड़ रहा है। ऐसे में धन और समय दोनों अधिक लग रहे हैं। सीएमओ का कहना है कि सोनोलॉजिस्ट की तैनाती कर जल्द ही जांच शुरू कराई जाएगी।
नगराम सीएचसी की ओपीडी में हर दिन करीब 100-150 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। गर्भवतियों की निजी केंद्र में मुफ्त जांच हो जा रही है, जबकि सामान्य मरीजों की जांच ठप पड़ी है। इन्हें मोहनलालगंज सीएचसी भेजा जा रहा है, मगर वहां के मरीजों की कतार पहले से लंबी होने के कारण नगराम से गए मरीजों की जांच आसानी से नहीं हो पा रही है। नतीजतन मरीजाें को मजबूरी में निजी केंद्र जाना पड़ रहा है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश के मुताबिक, यहां तैनात सोनोलॉजिस्ट को हाईकोर्ट से अटैच कर दिया गया है। ऐसे में यहां जांच बंद है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि सोनोलॉजिस्ट की जल्द तैनाती कराई जाएगी, ताकि जांच प्रभावित न हो।
मोहनलालगंज में हफ्ते में एक ही दिन हो रही जांच
नगराम सीएचसी से मरीजों को जांच के लिए मोहनलालगंज सीएचसी भेजा जा रहा है। दोनाें सीएचसी के बीच की दूरी करीब 25 किमी है। मोहनलालगंज सीएचसी में मरीजों का पहले से बहुत अधिक लोड है। यहां हफ्ते में एक दिन जांच हो रही है। ऐसे में सामान्य मरीजों को जांच के लिए दो से तीन हफ्ते बाद बुलाया जा रहा है।
सीएमओ के अधीन सीएचसी पर महज पांच सोनाेलॉजिस्ट
सीएमओ के अधीन 20 सीएचसी का संचालन हो रहा है। इनमें से चार सीएचसी अलीगंज, इंदिरानगर, रेडक्रॉस, चंदननगर में मशीन खराब पड़ी है, जबकि 16 सीएचसी में मशीनें तो दुरुस्त है, लेकिन इन सभी जगहों पर जांच के लिए महज पांच ही सोनोलॉजिस्ट तैनात हैं, जिनके जरिये हर सीएचसी में हफ्ते में एक दिन ही जांच की जा रही है।