बलरामपुर की इमरजेंसी में लगे वेंटिलेटर शोपीस बने हैं। वहीं, अति गंभीर मरीज ई-रिक्शा से आईसीयू में शिफ्ट कराए जा रहे हैं। ऐसे में उनकी जान जोखिम में पड़ सकती है। ई रिक्शा में न तो ऑक्सीजन सपोर्ट की सुविधा है और न ही किसी चिकित्सकीय उपकरण की। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वेंटिलेटर के लिए हाई प्रेशर ऑक्सीजन प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। इसके बाद इन पर मरीजों की भर्ती शुरू हो सकेगी।