केजीएमयू और सरकारी अस्पतालों से कोई भी मरीज बिना एंबुलेंस के रेफर नहीं होगा। केजीएमयू से ओपीडी और दूसरे वार्ड तक मरीजों को शिफ्ट करने और एंबुलेंस लेने के लिए इसकी जानकारी पीआरओ को देनी होगी।
इसके बाद मरीज को रेफरल यूनिट में पहुंचाया जाएगा और पूरी रिपोर्ट पीआरओ को देनी होगी। मरीजों की परेशानी को देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने निर्णय लिया है।
इसी तरह अस्पतालों में भी किसी मरीज को रेफर करने से पहले उसकी जानकारी संबंधित अधिकारी को देनी होगी। जिसकी जिम्मेदारी होगी मरीज को एंबुलेंस दी गई है या नहीं।
केजीएमयू से कोई मरीज किसी दूसरे वार्ड या शताब्दी अस्पताल रेफर किया जाता है तो उसे एंबुलेंस मुहैया कराने की जिम्मेदारी वार्ड स्टाफ की होगी।
वार्ड स्टाफ मरीज और रेफरल प्लेस की पूरी जानकारी लिखित में पीआरओ को देंगे।
इसके बाद पीआरओ एंबुलेंस मुहैया कराएंगे। मरीज को गंतव्य तक पहुंचाने के बाद एंबुलेंस सेवा का ड्राइवर पीआरओ को पूरी जानकारी नोट कराएगा।
इसी तरह सरकारी अस्पतालों से कोई मरीज बिना एंबुलेंस रेफर न हो। इसके लिए रेफर किए जाने वाले मरीज की जानकारी अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी और इमरजेंसी प्रभारी को देनी होगी।
अस्पताल में एंबुलेंस नहीं है तो 108 सेवा को फोन कर चिकित्सक की अनुमति पर मरीज को एंबुलेंस मिलेगी।