शहर में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के दो मामले सामने आए हैं। इसमें एक महिला भी है। सीएमओ का कहना है कि मरीजों की हालत में सुधार है। दोनों घर पर रुककर उपचार करा रहे हैं। इन पर नजर रखी जा रही है।
ये हैं लक्षण
बुखार आना, नाक बहना, भूख ना लगना, थकान महसूस होना, गले में खराश, खांसी, उल्टी और चक्कर आना या बेहोश होना।
बचाव
छींकते और खांसते समय नाक और मुंह रुमाल से ढक लें।
मास्क न हो तो कपड़ों का इस्तेमाल करें।
स्वाइन फ्लू होने पर खांसी, जुकाम, बुखार और दर्द की परेशानी होती है। डॉक्टर की सलाह पर जांच कराए। मरीज तो सिर्फ पैरासिटामॉल दवा से ठीक हो जाते हैं। इसलिए यह बीमारी होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चों और बुजुर्गों के अलावा जिन्हें पहले से मधुमेह, रक्तचाप या कोई अन्य बीमारी हो तो उन्हें भी अधिक सतर्क रहना चाहिए।
- डॉ. आशुतोष दुबे, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल
स्वाइन फ्लू से बचाव को टीका उपलब्ध है। लोगों को खान-पान ठीक रखना चाहिए। बीमार होने पर खुद इलाज न करें, बल्कि डॉक्टर को दिखाएं।
- डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ