लखनऊ। सीतापुर रोड स्थित श्रावनी हेल्थ केयर हॉस्पिटल में भर्ती मरीज के इलाज में हुई लापरवाही से मौत हो गई। नाराज परिजनों ने कोताही व वसूली का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि मरीज का इलाज एमबीबीएस के बजाय यूनानी डॉक्टरों के जरिये किया गया है। इसका रिकाॅर्ड वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज है। परिजनों ने सीएमओ से शिकायत करने की बात कही है।
हसनगंज स्थित डालीगंज के रहने वाले रमाकांत मिश्रा (29) निजी कंपनी में नौकरी करते थे। छोटे भाई सागर ने बताया कि शुक्रवार शाम वह बाइक से किसी काम से मड़ियांव की तरफ जा रहे थे। अलीगंज के नवीन गल्ला मंडी के सामने एक वाहन को बचाने में अचानक से ब्रेक लगा दिया। इससे बाइक फिसल गई। वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। राहगीरों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजनों ने रमाकांत को सीतापुर रोड स्थित श्रावनी हेल्थ केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। भाई सागर का आरोप है कि इलाज में हुई लापरवाही से भाई की मौत हो गई। आठ घंटे में इलाज दौरान 50 हजार रुपये भी वसूल लिए गए।
भाई सागर ने डिप्टी सीएम व सीएमओ से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। भाई का कहना है कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी रिकाॅर्ड में इलाज करने वाले विशेषज्ञ हैं, जिसके आधार पर उनकी डिग्री की जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही मिली तो अस्पताल संचालन पर रोक लगेगी। श्रावनी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. प्रशांत पांडेय ने कहा कि तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद हैं। यूनानी संग एमबीबीएस डॉक्टर भी मौजूद थे। इलाज में लापरवाही नहीं हुई है।