छोटी-मोटी बीमारी भी बड़ा खतरा बन सकती हैं, अगर कायदे से इलाज न कराया जाए तो। लखनऊ में बच्चे की समस्या को गंभीरता से न लेकर झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराना एक पिता को महंगा पड़ गया।
झोलाछाप से इलाज के चक्कर में लखनऊ में चार साल के बच्चे की मौत हो गई। मलिहाबाद के पहाड़पुर गांव निवासी नीरज के चार साल के बेटे अंशु के बाएं हाथ की कांख में गिल्टी हो गई थी।
नीरज ने बताया कि मंगलवार को दर्द बढ़ने के बाद वो अंशु को लेकर पास के क्लीनिक पर पहुंचे। वहां झोलाछाप डॉक्टर संतोष ने घाव पकाने का इंजेक्शन लगा दिया।
बुधवार को दर्द कम न हुआ तो नीरज फिर क्लीनिक गए। झोलाछाप संतोष ने बच्चे की कांख के घाव को दबा दिया। फोड़ा फूट गया और पूरा जहर शरीर में फैल गया। अंशु बेहोश हो गया। संतोष और नीरज आनन-फानन में अंशु को सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
अंशु की मौत के बाद नीरज ने मामले की शिकायत सीएमओ कंट्रोल रूम नंबर पर की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं इस मामले में सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं मिली है। मामले की जानकारी व जांच के लिए मलिहाबाद सीएचसी के प्रभारी को निर्देशित किया जाएगा।