लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से बुजुर्ग की मौत हो गई। उन्हें सांस संबंधी समस्या के बाद भर्ती कराया गया था। इमरजेंसी में भर्ती होने के बाद भी मरीज को डॉक्टर देखने तक नहीं आए।
रात करीब नौ बजे मरीज की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया तो इमरजेंसी स्टाफ ने शव बिना पोस्टमार्टम के देने से मना कर दिया। इंदिरानगर, हरिहरनगर के रहने वाले वीरेंद्र (54) को लोहिया की इमरजेंसी में बुधवार सुबह नौ बजे भर्ती कराया गया था।
सांस लेने में दिक्कत बढ़ी तो स्टाफ नर्स ने डॉक्टर को बुलाया। उन्होंने, ईसीजी, एक्स-रे और खून की कुछ जांच लिख दी। मरीज को राहत पहुंचाने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया गया। बस ग्लूकोज की बोतल और ऑक्सीजन लगाकर इलाज का दिखावा चलता रहा।
इसके बाद भी मरीज की तबियत लगातार खराब होती रही। देर शाम पांच बजे मरीज को सांस तेजी से फूलने लगी और वो बेहोश हो गए। देर रात करीब नौ बजे वीरेंद्र की मौत हो गई।
इसके बाद इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने शव को बिना पोस्टमार्टम के देने से मना कर दिया। करीब बीस मिनट तक कोई कागजी कार्रवाई नहीं की गई। परिवारीजनों ने शव मांगा तो बवाल हो गया। हंगामे और बवाल की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।