संजय गांधी पीजीआई में रविवार को सिविल अस्पताल के सीनियर टेक्नीशियन अशोक गुप्ता की फेफड़ों में गंभीर संक्रमण के चलते मौत हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि हर बार मरीज की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई। डॉक्टर इसे साइलेंट कोरोना मान रहे हैं, जिसमें वायरस डिटेक्ट न होने पर भी फेफड़े संक्रमित हो जाते हैं।
विकास नगर निवासी अशोक गुप्ता 15 दिनों से बीमार थे। ऑक्सीजन लगाने पर भी उन्हें राहत नहीं मिल पा रही थी। हालत गंभीर होने पर उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया। इससे पहले उनकी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई।
डॉक्टरों ने सीटी स्कैन और एक्स-रे कराया तो फेफड़ों में गंभीर संक्रमण की पुष्टि हुई। यह कोरोना संक्रमण जैसा ही था। रविवार को उनकी सांसें थम गईं। अशोक के रिटायरमेंट में कुछ माह ही शेष थे। डॉक्टरों के अनुसार, जांच में वायरस की पुष्टि नहीं हो रही थी लेकिन लक्षण कोरोना के ही थे। इसी कारण इसे साइलेंट कोरोना का मामला कहा जाएगा।
इस तरह के कई केस सामने आते हैं। इनमें रिपोर्ट निगेटिव होती है और सीटी स्कैन में फेफड़ों में संक्रमण कोविड की तरह ही होता है। ऐसे में रोगी का कोरोना मरीज की तरह इलाज करना चाहिए। अगर बार-बार रिपोर्ट निगेटिव आ रही है तो एंटीबॉडी टेस्ट होना चाहिए। इससे साफ हो जाएगा कि मरीज के फेफड़ों में संक्रमण कोरोना की वजह से है या अन्य किसी कारण से।
- डॉ. वेद प्रकाश, केजीएमयू