लखनऊ। काकोरी के जलियामऊ गांव में झोलाछाप के इलाज से मरीज की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को शव घर पहुंचा। परिजन ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
जलियामऊ गांव निवासी उमाशंकर (40) पेशे से राजमिस्त्री थे। करीब 9 दिन पूर्व सआदतगंज में काम करते हुए वह घायल हो गए थे। परिजन ने पहले ट्रामा सेंटर में इलाज कराया था। बीती 16 अगस्त को इलाज के बाद परिजन उसे घर ले आए थे। परिजन ने बताया कि उन्हें गांव के सुखराम रावत के उन्नाव निवासी रिश्तेदार झोलाछाप डॉक्टर अभिषेक के पास इलाज के लिए ले गए थे। परिजन का आरोप है कि पैर सही करते हुए उमाशंकर का पैर अधिक खिंच गया, जिससे उनकी 16 अगस्त को देर शाम सात बजे मौत हो गई। परिजन ने अभिषेक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। रविवार देर शाम सात बजे शव लेकर पहुंचे परिजन ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कठिगरा जलियामऊ गांव जाने वाला मुख्य मार्ग पर शव रखकर एक घंटे तक प्रदर्शन किया। परिजन की मांग थी कि आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। मृतक की पत्नी व बच्चों के नाम पर जमीन दी जाए। इंस्पेक्टर सतीश राठौर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।