आवेदक पासपोर्ट बनने की प्रगति घर बैठे जानना चाहता तो उसको फीस के साथ 30 रुपये अतिरिक्त जमा करने होंगे। पासपोर्ट विभाग इस अतिरिक्त शुल्क के एवज में आवेदकों को समय-समय पर पासपोर्ट बनने की प्रगति के 10 अलर्ट जारी करेगा।
ये जानकारी विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं मुख्य पासपोर्ट अधिकारी मुक्तेश कुमार परदेशी ने बताईं। संयुक्त सचिव मुक्तेश कुमार प्रदेश के पासपोर्ट सेवाकेंद्रों का दौरा करने के बाद सोमवार को लखनऊ स्थित क्षेत्रीय दफ्तर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पासपोर्ट विभाग की नई एसएमएस सुविधा में आवेदक 30 रुपये जमा करके पासपोर्ट बनने की प्रक्रिया के हर चरण का अलर्ट हासिल कर सकता है।
उन्होंने बताया कि पुलिस रिपोर्ट आने, पासपोर्ट बनने की प्रक्रिया एवं पासपोर्ट जारी होने जैसे एलर्ट आवेदकों को मोबाइल पर मिलेंगे। यह सुविधा देश भर में हाल ही में शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि एसएमएस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आवेदक को पासपोर्ट सेवा केंद्र पर मोबाइल आवेदन पत्र भरकर फीस जमा करनी होगी।
मुक्तेश कुमार ने बताया कि पासपोर्ट सेवाकेंद्रों पर दलाल अप्लीकेशन रेफरेंस नंबर का ही आवंटन कराने (फॉर्म भरने की आड़ में) के 500-500 रुपये अधिक दिन वसूल नहीं सकेंगे।
अगले साल से आवेदकों को कॉमन सेंटर (जन सुविधा केंद्र) पर यह सुविधा 100 रुपये से कम में मिलेगी। उन्होंने बताया इसका प्रस्ताव उच्च स्तरीय समिति के समक्ष पेश कर दिया गया है।
जिसे जल्द ही अनुमोदन मिलने की उम्मीद है। अनुमोदन मिलते ही आवेदकों को शहर से गांव तक के कॉमन सेंटर में फॉर्म भराने की सुविधा मिलेगी।
इससे पूर्व परदेशी ने प्रमुख सचिव (गृह) अनिल कुमार गुप्ता से मुलाकात करके ऑनलाइन रिपोर्ट के त्वरित निस्तारण की बात कही। इस दौरान उनके साथ क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी आरएन राय भी मौजूद थे।
छह लाख पासपोर्ट का लक्ष्य
पासपोर्ट विभाग ने साल 2013 में छह लाख पासपोर्ट बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक यूपी में 5 लाख 34 हजार 172 पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं।
इनमें लखनऊ के 3 लाख 79 हजार 264 पासपोर्ट शामिल हैं। परदेशी ने बताया कि देश भर में पासपोर्ट विभाग ने वर्ष 2012 में 74 लाख पासपोर्ट जारी किए थे।
जबकि इस साल अक्टूबर तक 60 लाख पासपोर्र्ट जारी हो चुके हैं। अनुमान है कि इस वर्ष के अंत तक 85 लाख पासपोर्ट बनकर जारी कर दिए जाएंगे।