किसी सुरंग या भूमिगत बिल्डिंग के अंदर मोबाइल सिग्नल मिलना बंद हो जाता है। लेकिन मेट्रो के भूमिगत स्टेशनों और सुरंग में ट्रेन के अंदर ऐसा नहीं होगा। यात्रियों को सुरंग से गुजरने के समय भी इंटरनेट और मोबाइल कॉल में कोई परेशानी नहीं होगी। इस सिस्टम से 2जी, 3जी और 4जी कॉल और इंटरनेट सेवाएं निर्बाध मिलती रहेंगी।
लखनऊ मेट्रो अपने यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए रेडलाइन के चारों भूमिगत स्टेशनों और सुरंग में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है। एक निजी कंपनी की मदद से मेट्रो सभी मोबाइल ऑपरेटरों के सिग्नल सुरंग के अंदर मिलना सुनिश्चित कराएगा।
इन बिल्डिंग सॉल्यूशन के रूप में ऐसे उपकरण और केबल बिछाई जानी है, जिससे सैटेलाइट से सिग्नल नहीं मिलने पर भी मोबाइल कनेक्टिविटी में दिक्कत न आए। यात्रियों का मोबाइल मेट्रो के अपने सिग्नल एरिया से खुद से जुड़ जाएगा। इससे उसे अपनी मोबाइल कंपनी के सिग्नल मिलना शुरू हो जाएंगे।