सपा में मचे घमासान और पल पल बिगड़ते हालातों के बीच पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह खुद सामने आए और साफ किया कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं है। प्रदेश कार्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुलायम ने कहा कि "मेरे रहते पार्टी में फूट नहीं पड़ सकती, घर का झगड़ा है निपटा लेंगे। इतने झगड़े सब घरों में चलते हैं।"
खास बात ये है कि भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अखिलेश मंत्रीमंडल से बर्खास्त किए गए पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को भी वापस मंत्री बनाए जाने के संकेत दिए। कहा "ये तो मेरे पीछे खड़े हैं पार्टी से बाहर कैसे हो सकते हैं मैं अखिलेश से बात करूंगा वह मेरी बात नहीं टालेगा। गायत्री प्रसाद को मंत्रीमंडल में भी वापस लिया जाएगा।" मुलायम ने उन अटकलों को भी शांत करने का प्रयास किया जिसमें अखिलेश, शिवपाल और रामगोपाल में मतभेद की बात कही जा रही थी।
मुलायम ने कहा "शिवपाल और रामगोपाल में कोई झगड़ा नहीं है। कुछ लोग हैं जो नहीं चाहते कि पार्टी दोबारा सत्ता में वापस आए।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पार्टी को वापस पांच साल सत्ता में लाने के लिए जुट जाइए। खास बात रही कि मुलायम ने इस दौरान अमर सिंह का कोई जिक्र नहीं किया जिन्हें इस पूरे मामले में विलेन की तरह देखा जा रहा था।
पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह की इस कवायद को डैमेज कंट्रोल की कवायद के रूप में माना जा रहा है जिसके कारण पार्टी की छवि को काफी नुकसान हो रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मीडिया का जिक्र करते हुए कहा कि "मीडिया की इस मामले में कोई गलती नहीं है वो तो अपना काम कर रहा है। हमारे लोगों ने ही तो उन्हें मौका दिया है।" मुलायम सिंह के संबोधन के बाद शिवपाल और अखिलेश मुलायम सिंह के घर जाकर उनसे मुलाकात की इसके बाद सीएम अपने घर के लिए रवाना हो गए।
इन चार बिंदुओं पर बनी सहमति
1. शिवपाल के सारे विभाग वापस होंगे.
2. गायत्री प्रजापति की वापसी होगी, उन्हें खनन के बजाय कोई और विभाग दिया जाएगा।
3. शिवपाल प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे, प्रभारी पद खत्म होगा।
4. हटाए गए मुख्य सचिव दीपक सिंघल को लेकर अखिलेश और मुलायम अलग से बातचीत करेंगे।