पार्श्वनाथ डवलपर ने विवादित पार्श्वनाथ प्लैनेट ग्रुप हाउसिंग के नक्शे के पूर्णता प्रमाणपत्र (कंपलीशन सर्टिफिकेट) के लिए एलडीए में एक बार फिर से गुहार लगाई है।
इस बार कंपनी ने मौके पर पांच टॉवर पूरा होने के प्रमाण स्वरूप अपने आवेदन में तस्वीरें भी जोड़ी हैं। जबकि, प्राधिकरण के अभियंताओं की जांच का हवाला भी दिया जा रहा है।
दूसरी ओर आवंटियों का कहना है कि कंपनी के दावे पूरी तरह गलत हैं। मौके पर सेनेट्री वर्क पूरा है और न ही बिजली का काम। लिफ्ट भी काम नहीं कर रही हैं।
इसके साथ ही जिस जमीन पर अपार्टमेंट बनाए गए हैं, उसकी रजिस्ट्री तक नहीं हुई है।
कंपलीशन के प्रमाणपत्र को देने पर कुछ दिन पहले प्राधिकरण ने उपाध्यक्ष ने आपत्ति लगा दी थी। उपाध्यक्ष ने पार्श्वनाथ के निर्माण में खामियां और आवंटियों को फ्लैट न दिए जाने संबंधी जांच प्राधिकरण के अधिकारियों को करने का आदेश दिया था।
जांच पूरी हो गई है, इसमें प्राधिकरण के इंजीनियर कंपनी को क्लीन चिट दे रहे हैं। मगर आवंटी अब भी निर्माण पूरा होने का लेकर संतुष्ट नहीं है। पार्श्वनाथ प्लैनेट ग्रुप हाउसिंग गोमती नगर के विभूतिखंड में निर्माणाधीन है।
इस ग्रुप हाउसिंग के प्लॉट एलडीए ने नीलामी के माध्यम से पार्श्वनाथ को बेचे थे। कंपनी का अब दावा है कि 10 में से 5 टॉवर पूरे हो चुके हैं। ऐसे में अब उसे कंपलीशन मिल जाना चाहिए। इस संबंध में कुछ तस्वीरें बतौर सुबूत पेश की गई हैं।
आवंटियों को नहीं कंपनी पर भरोसा
पार्श्वनाथ प्लैनेट बिल्डिंग के खड़े हुए टॉवर और परिसर में लगी निर्माण सामग्री का ढेर यहां के 450 आवंटियों को मुंह चिढ़ाता है। पिछले करीब छह साल से इस बिल्डिंग का निर्माण ही नहीं पूरा है।
जबकि आवंटियों के एसोसिएशन के अध्यक्ष गुफरान अलवी ने आरोप लगाया कि, बिजली और सेनेट्री की फिटिंग अब तक बिल्डिंग में पूरी तरह से नहीं की गई है। कंपनी की ओर से आवंटियों पर साढ़े तीन लाख रुपये की और मांग की गई है।
कहा जा रहा है कि, रुपये देने पर 45 दिन में कब्जा दे दिया जाएगा। मगर आवंटियों को इस बात पर भरोसा नहीं है।
पार्श्वनाथ के रीजनल जीएम रिटायर्ड विंग कमांडर एमएम जौहरी का कहना है कि अब उनके पांच टावर पूरे हैं। जल्द ही इसमें हम 225 आवंटियों को कब्जा दे देंगे।
प्राधिकरण पार्श्वनाथ की साइट को पूरी तरह से परखेगा। अगर मानकों के हिसाब से पूरा काम हो गया है, तभी कंपनीशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
-अष्टभुजा प्रसाद तिवारी, उपाध्यक्ष, एलडीए