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शिक्षकों की रिटायरमेंट पर जारी हुआ शासनादेश

Tue, 16 Jun 2015 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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परिषदीय स्कूलों के शिक्षक पूर्व की भांति 30 जून को ही रिटायर होते रहेंगे। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने सोमवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।
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उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिस शिक्षक की जन्मतिथि 2 जुलाई है उसे पूर्व में 30 जून तक सत्र का लाभ दिया जा चुका है। इसलिए पुन: सत्र का लाभ देने का कोई औचित्य नहीं है।

इसलिए हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर शिक्षकों के प्रत्यावेदन को निरस्त कर निस्तारित किया जाता है। वे पूर्व की भांति 30 जून को ही रिटायर होंगे।

राज्य सरकार ने इस साल से परिषदीय और यूपी बोर्ड के स्कूलों का सत्र 1 अप्रैल से कर दिया है। प्रदेश में पहले शैक्षिक सत्र 1 जुलाई से होता था।

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में यह व्यवस्था है कि सत्र शुरू होने के तुरंत बाद रिटायर होने वाले शिक्षकों को एक सत्र का लाभ दिया जाएगा।
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हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया आदेश

इसलिए शिक्षकों का कहना है कि सत्र चूंकि अब 1 अप्रैल से कर दिया गया है, इसलिए 2 अप्रैल के बाद रिटायर होने वालों को एक सत्र का लाभ दिया जाना चाहिए। इसको लेकर शिक्षकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। हाईकोर्ट ने ऐसे मामलों को निस्तारित करने का आदेश राज्य सरकार को दिया।

सचिव बेसिक शिक्षा ने शासनादेश में कहा है कि बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित प्राथमिक, उच्च प्राथमिक तथा सहायता प्राप्त स्कूलों का शैक्षिक सत्र 1 अप्रैल से कर दिया गया है।

इस संबंध में 9 सितंबर 2014 को जारी शासनादेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि स्कूल संचालन, प्रवेश प्रक्रिया तथा छात्रों को अगली कक्षा के लिए पास करने तक ही यह आदेश प्रभावी होगा।

शिक्षकों को सत्रांत लाभ पर शैक्षिक सत्र बदलने का कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा। इसलिए उन्हें पूर्व की भांति ही रिटायर किया जाएगा।
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