सऊदी अरब के रियाद में जान गंवाने वाले बेटे के वेतन का चेक देने में तहसील के अधिकारी बुजुर्ग माता-पिता पिछले डेढ़ साल से दौड़ा रहे हैं। एक कार हादसे में बेटे की जान चली गई थी। 18 महीने पहले कंपनी ने बेटे के बकाया 68 हजार वेतन का चेक भारतीय दूतावास के जरिये डीएम दफ्तर को भेजा था।
तहसील में चेक रिसीव होने के बावजूद परिवार तक नहीं पहुंचा है। पीड़ित की अर्जी पर डीएम के निर्देश के बावजूद तहसील के अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। गोसाईंगंज के गंगागंज निवासी मोहम्मद अतीक (60) और अनीसा खातून (58) का बेटा मोहम्मद नदीम सऊदी अरब के रियाद में काम करता था।
उसकी मौत 5 जनवरी 18 को रियाद के अल खर्ज शहर में हुए एक कार हादसे के दौरान हो गई थी। नदीम परिवार का इकलौता कमाने वाला था। वह रियाद की एक कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात था। कंपनी ने उसके वेतन का बकाया 68,493 रुपये का चेक भारतीय दूतावास के जरिये जिलाधिकारी को भेजा गया था। पिता अतीक के मुताबिक, कमीशन के चक्कर में मेरे मृतक बेटे की कमाई का चेक फंस गया है।