माता पिता अपनी संपत्ति की अगर अपने बच्चों के नाम पर रजिस्ट्री करवा चुके हैं और उसके बाद बच्चे उनकी उपेक्षा करने लगे हैं, तो ऐसे माता-पिता उन बच्चों से संपत्ति वापस ले सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार जल्द ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेगी।
प्रदेश के समाज कल्याण विभाग प्रमुख सचिव सुनील कुमार ने गुरुवार को लखनऊ में विश्व वृद्धजन दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। हेल्पेज इंडिया की ओर से कार्यक्रम गोमतीनगर में अंबेडकर पार्क स्थित सामाजिक सहकारिता भवन में आयोजित किया गया था।
सुनील कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम 2007 के लिए फरवरी 2014 में ही नियमावली जारी कर दी गई थी। हालांकि इसे धरातल पर लागू होने में अभी कुछ समय और लग सकता है। उन्होंने बताया कि इस नियमावली को सख्ती से लागू करने के लिए समाज कल्याण विभाग कमर कस चुका है।
दूसरी ओर उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि अधिनियम और नियमावली को लेकर अभी जागरुकता की कमी है, जिसे बढ़ाना होगा। दूसरी ओर उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में सुलह अधिकारी नियुक्त करने के लिए जिलाधिकारियों को नामों की संस्तुति की जानी है। ये सुलह अधिकारी बुजुर्गों को परिवार में होने वाले अन्याय से बचाने के लिए काउंसलिंग देंगे।