मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो अफसर राजस्व वसूली के मामले में उत्कृष्ट काम करेंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
साथ ही उन्होंने राजस्व वसूली में लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री गुरुवार को कर एवं करेतर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने सभी डीएम को निर्देश दिए कि राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपने स्तर पर समीक्षा करके हर माह की 10 तारीख तक प्रगति रिपोर्ट वित्त विभाग को अनिवार्य रुप से उपलब्ध कराएं।
वाणिज्य कर, आबकारी, स्टांप एवं निबंधन, परिवहन तथा मनोरंजन कर की प्रगति के आधार पर जिलों की ग्रेडिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रायबरेली व अमेठी जिले रहे अव्वल
अगस्त की सभी पांच मुख्य कर राजस्व मदों में ललितपुर 171.20 प्रतिशत, रायबरेली 122.70 फीसदी, चित्रकूट 115.92 प्रतिशत, अमेठी 108.14 प्रतिशत तथा महोबा 102.43 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित करके टॉप पांच जिलों में शामिल रहे।
वहीं भू-तत्व एवं खनिकर्म में हाथरस 242.4 प्रतिशत, फिरोजाबाद 223.8 प्रतिशत, लखनऊ 190.1 प्रतिशत, गोंडा 170.9 प्रतिशत तथा गाजीपुर 168.2 प्रतिशत राजस्व अर्जित कर प्रथम टॉप 5 जिलों में शामिल रहे।
समग्र उपलब्धि में श्रावस्ती व रायबरेली भी
शासन ने सभी जिलों की अगस्त के अंत तक की क्रमिक समग्र राजस्व की उपलब्धि के आधार पर ललितपुर ने 118.28 प्रतिशत, श्रावस्ती ने 112.19 प्रतिशत, चित्रकूट ने 106.52 प्रतिशत, चंदौली ने 104.30 प्रतिशत तथा रायबरेली ने 108.89 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित कर टॉ 5 जिले रहे।
वहीं भू-तत्व एवं खनिकर्म की राजस्व वसूली में अलीगढ़, गाजीपुर, सोनभद्र, श्रावस्ती और हाथरस टॉप फाइव में शामिल रहे।