सरकारी अस्पतालों से पैरासिटामॉल 650 एमजी गायब।
लखनऊ। सरकारी अस्पतालों में बुखार के मरीजों को केवल 500 एमजी की पैरासिटामोल टैबलेट दी जा रही है, जिससे तेज बुखार वाले मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही। कई मरीजों को डोज बढ़ानी पड़ रही है, जबकि कुछ बाहर से 650 एमजी की दवा खरीदकर ले रहे हैं। अस्पतालों में 500 एमजी डोज की आपूर्ति होने से चिकित्सकों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अधिक वजन वाले मरीजों को कई बार डेढ़ से दो टैबलेट लेने की सलाह दी जा रही है।
बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु समेत सभी सरकारी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में मरीजों को मुफ्त दवाएं दी जाती हैं। इनकी आपूर्ति उत्तर प्रदेश ड्रग मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन के माध्यम से होती है, जो फिलहाल सिर्फ 500 एमजी की पैरासिटामोल टैबलेट भेज रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वयस्क मरीज के लिए पैरासिटामोल की सामान्य खुराक 10-15 एमजी प्रति किलोग्राम वजन के अनुसार होती है। अमूमन चिकित्सक 60 किलोग्राम भार से ऊपर के मरीजों को पैरासिटामोल 650 एमजी लेने की ही सलाह देते हैं। बुखार के मामले में यदि मरीज को तेज बुखार के साथ शरीर दर्द की समस्या होती है तो 650 एमजी की पैरसिटोमोल लेना ही उपयुक्त है।
ड्रग कॉरपोरेशन के एमडी उज्जवल कुमार ने बताया कि हमारे पास जितनी मात्रा और जिस डोज की दवाएं उपलब्ध होती हैं, उन्हीं की आपूर्ति अस्पतालों में की जाती है।