‘लड़कियां बड़ी लड़ाका होती हैं...’ अभिनेता अनुपम खेर की आवाज में न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वॉयर से रिकॉर्ड की गई यह कविता राजधानी के युवा कवि पंकज प्रसून की है। अभिनेता ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर यह कविता अपने फेसबुक और ट्विटर अकाउंट पर शेयर की थी। देखते ही देखते कविता वायरल हो गई। अनुपम खेर को लेखक का नाम नहीं पता था लेकिन उनको तमाम संदेश उनकी वॉल पर प्राप्त हुए जिसमें लोगों ने कहा कि यह कविता पंकज प्रसून की है।
अनुपम खेर की वॉल पर सुप्रसिद्ध गायिका, कवियत्री मालविका हरिओम ने लिखा कि पंकज प्रसून जी की बड़ी मशहूर कविता है ये, बधाई पंकज। चंद्र प्रकाश पांडे लिखते हैं कि द ऑथर ऑफ दिस नरेशन ऑफ योर्स इज माई फ्रेंड पंकज प्रसून....। इसी तरह से कई लोगों ने कमेंट किए हैं।
पंकज प्रसून के मुताबिक, अनुपम जी ने फोन कर उन्हें बधाई दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा भी है कि ‘मुझे पंकज प्रसून से बात करके बहुत प्रसन्नता हुई।’ पंकज प्रसून की यह कविता काफी चर्चित है, जिसमें उन्होंने लड़कियों के जीवन संघर्ष को दर्शाया है।
पंकज व्यंग्य कवि है और पिछले दिनों इन्हें व्यंग्य विभूषण सम्मान से नवाजा गया। महाराष्ट्र में पूर्व राज्यपाल राम नाईक, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे, स्मिता ठाकरे और नादिरा बब्बर ने यंग अचीवर अवॉर्ड प्रदान किया था।