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'चौधरी' के हाथ UP BJP की कमान: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने पर पंकज बोले- संपर्क-संवाद से मजबूत करेंगे संगठन

Mon, 15 Dec 2025 03:34 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

भाजपा के 'संगठन पर्व' के तहत रविवार को केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी यूपी भाजपा के 17वें प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए गए। इस पद के लिए शनिवार को हुए नामांकन में किसी अन्य का नामांकन पत्र दाखिल न होने से उनका यह निर्वाचन निर्विरोध हुआ है।
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भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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भाजपा के 'संगठन पर्व' के तहत रविवार को केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी यूपी भाजपा के 17वें प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए गए। इस पद के लिए शनिवार को हुए नामांकन में किसी अन्य का नामांकन पत्र दाखिल न होने से उनका यह निर्वाचन निर्विरोध हुआ है। इस मौके पर पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कुल 120 नेता यूपी से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य निर्वाचित घोषित किए गए।

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नये दायित्व को लेकर पंकज ने कहा कि संपर्क संवाद से संगठन को मजबूत करेंगे। यह जिम्मेदारी मुझे रूल करने के लिए नहीं, बल्कि रोल अदा करने के लिए मिली है। पंकज के निर्वाचन घोषणा होते ही कार्यकताओं ने डमरू और घंटे-घडियाल बजाकर उनका अभिवादन किया। पूरे हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पंकज चौधरी और योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद के नारे लगने लगे। कार्यकर्ताओं का जोश देख पंकज चौधरी भी खड़े होकर हाथ जोड़ आभार व्यक्त किया। चुनाव अधिकारी पियूष गोयल से प्रदेश अध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित होने का प्रमाण पत्र लेने के बाद पंकज चौधरी ने सबसे पहले मंच पर एकदम किनारे बैठे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमापति राम त्रिपाठी के पैर छुआ। इसके बाद सीएम योगी के पैर छूकर उनके बगल में रखी गई प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ गए। वहीं, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने पंकज के हाथ में भाजपा के झंडा देकर उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी।

कार्यकर्ताओं को दिया भरोसा, उनकी बात सरकार तक पहुंचाएंगे  
नवनिर्वाचित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि यह मेरी अब तक की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। मैं इस जिम्मेदारी से अभिभूत भी हूं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से निरतंर संवाद बनाए रखना ही उनके 35 साल के राजनीतिक जीवन का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने संगठन, संपर्क, संवाद और समन्वय को ही नेतृत्व का मूल मंत्र बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनकी बात सरकार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष की है तो सरकार के कार्यों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं की है।

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