खेतों में पानी भरने से खराब हुई धान की फसल।
नगराम। लगातार 48 घंटे से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने से कहीं धान की खड़ी फसल धराशायी हो गई तो कहीं बालियां पानी में डूब गईं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से किसानों को फसल सड़ने की आशंका भी सताने लगी है।
क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने अपने खेतों धान की फसल बो रखी है। बृहस्पतिवार शाम से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रहने से खेतों में पानी भर गया है। इससे अगेती और पछेती दोनों तरह की धान की फसल पर संकट खड़ा हो गया है। जिन खेतों में अगेती धान में बालियां निकल आई हैं, वहां बारिश और हवा के कारण पौधे जमीन पर लेट गए हैं। पानी में डूबी बालियों के लंबे समय तक इसी स्थिति में रहने पर उनके सड़ने का खतरा बना हुआ है।
उधर, मुकुंदखेड़ा के मलखान सिंह और सिरौना के राम कुमार पांडेय ने बताया कि उनकी तराई क्षेत्र में करीब ढाई से तीन बीघे खेत में धान की फसल है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। जल निकासी के लिए नाला बना है, लेकिन पानी की निकासी धीमी होने के कारण खेतों में पानी भरा हुआ है। अगेती फसल में बालियां आ चुकी हैं और पौधे झुककर जमीन पर गिर गए हैं।
किसान जनार्दन यादव, राम निवास ने बताया कि उनकी फसल में भी बालियां निकलने लगी हैं। लगातार बारिश से फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो खेतों में भरा पानी धान के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
माल में भी नुकसान
माल। तीन दिनों से हो रही बारिश से खेतों में धान की अधपकी फसल के गिर जाने से नुकसान हुआ है। ग्राम थरी निवासी राजेंद्र दीक्षित ने बताया कि बारिश के कारण उनके खेत में खड़ी करीब डेढ़ बीघा धान की फसल गिर गई है। इससे करीब 50 फीसदी से अधिक फसल का नुकसान होने का खतरा पैदा हो गया है। छोटक्के ने बताया कि खेत में काटकर रखी गई धान की फसल भी बारिश से भीग कर खराब हो गई।
खेतों में पानी भरने से खराब हुई धान की फसल।
खेतों में पानी भरने से खराब हुई धान की फसल।