सियासत में अहम मुकाम हासिल करने के बाद बेटे-बेटियों को भी आगे बढ़ाने वालों की फेहरिस्त में कांग्रेस के दिग्गज नेता पी.एल. पुनिया का नाम भी जुड़ गया है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा से रिटायर होकर सियासत में आए पुनिया बाराबंकी से कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं और मौजूदा समय राज्यसभा सदस्य व राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में पुनिया ने अपने बेटे तनुज को उतारा है।
आईआईटी रुड़की से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ले चुके तनुज बाराबंकी की जैदपुर सीट से कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरे हैं। बाराबंकी की सियासत में पुनिया और बेनी वर्मा का खासा दबदबा है।
खास बात यह कि इस बार जहां बेनी के बेटे राकेश वर्मा चुनावी मैदान से बाहर हैं वहीं पीएल पुनिया सियासत में बेटे की लॉन्चिंग के साथ ही उसे विधानसभा पहुंचाने की मुहिम में जुट गए हैं।
पेशे से केमिकल इंजीनियर, अब कर रहे पीएचडी
तनुज पुनिया
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तनुज ने मंगलवार को बाराबंकी की जैदपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल कर दिया। तनुज पेशे से केमिकल इंजीनियर हैं और इस समय पीएचडी कर रहे हैं।
उनके अलावा इस चुनाव में सपा के फायरब्रांड नेता आजम खां ने अपने बेटे अब्दुल्ला आजम, रायबरेली के बाहुबली विधायक अखिलेश कुमार सिंह ने अपनी बेटी अदिति सिंह, राजस्थान के राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह ने अपने पुत्र संदीप सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश सिंह ने पुत्र अनुराग सिंह, प्रेमलता कटियार ने बेटी नीलिमा, वाराणसी से विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव ने अपने बेटे सौरभ, बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने बेटे अब्बास, भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने बेटे प्रतीक भूषण को चुनाव मैदान में उतारा है।
कई नेताओं के बेटे-बेटी पहले से ही सियासत में
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कई दिग्गज नेताओं के बेटे-बेटी पहले से ही सियासत में हैं। कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह मंत्री व पुत्रवधू विधायक रह चुकी हैं। अब उनकी तीसरी पीढ़ी ने सियासत में कदम रखा है।
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा भी विधायक हैं। बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पुत्र अफजल 2012 का चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए।
इस बार वह मैदान में नहीं हैं। बसपा छोड़कर भाजपा में आए स्वामी प्रसाद मौर्य भी अपने बेटे उत्कर्ष और बेटी संघमित्रा को सियासत में उतार चुके हैं।