लखनऊ में फर्जी नंबरों के सहारे ट्रकों ने पार किया था टोल।
- फोटो : file photo
लखनऊ। ओवरलोड वाहनों पर राजधानी में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। एक महीने के अंदर 400 से अधिक चालान काटे गए हैं। हालांकि, लखनऊ की सीमा में प्रवेश से पहले कार्रवाई का आंकड़ा बेहद कम है। यह आंकड़ा मात्र 45 से 50 चालान का ही है। इससे अफसरों की संजीदगी पर सवाल उठ रहे हैं।
शनिवार को अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी कि इटौंजा टोल प्लाजा से जनवरी में गुजरे 1600 ओवरलोड वाहनों में 900 फर्जी नंबरों से पास हुए थे। एआरटीओ आलोक यादव ने नवाबगंज टोल प्लाजा से सरोजनीनगर पहुंचे एक ट्रक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। पुलिस टीम ने शनिवार को नवाबगंज टोल प्लाजा पर टोलकर्मियों से पूछताछ भी की थी।
परिवहन विभाग के अफसर बताते हैं कि उन्नाव सीमा से लखनऊ में ओवरलोड वाहन आते हैं। ये वाहन सीतापुर सड़क, सुल्तानपुर और अयोध्या सड़क के टोल से बाहर निकलते हैं। हैरानी की बात ये है कि आसपास के जिलों के अफसरों को ये ओवरलोड ट्रक नहीं दिखते हैं। अधिकारियों का कहना है कि उन्नाव से लखनऊ में प्रवेश से पहले सिर्फ एक महीने में 45 चालान हुए। लखनऊ में प्रवेश के बाद उन्हीं वाहनों के 400 से ज्यादा चालान काटे गए। अफसर खुद इस विसंगति पर सवाल उठा रहे हैं।
एनएचएआई की मदद
ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई के लिए अब एनएचएआई की मदद ली जाएगी। पुलिस अफसरों ने बताया कि एनएचएआई से सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए जाएंगे। इससे फर्जी नंबरों वाले वाहनों के असली नंबर ट्रेस किए जाएंगे।
लखनऊ में फर्जी नंबरों के सहारे ट्रकों ने पार किया था टोल।- फोटो : file photo
लखनऊ में फर्जी नंबरों के सहारे ट्रकों ने पार किया था टोल।- फोटो : file photo