लखनऊ। कैजीएमयू ट्रॉमा सेंटर की कैजुअल्टी में डॉक्टरों की कमी दूर नहीं हो पा रही है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने बांड के तहत 15 रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक सिर्फ एक ने ड्यूटी संभाली है। 10 डॉक्टरों ने जाॅइन किया, जबकि नौ जाॅइनिंग के बाद अवकाश पर चले गए। इससे मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच कैजुअल्टी में डॉक्टरों पर काम का दबाव बना हुआ है।
ट्रॉमा सेंटर में लगभग 400 बेड हैं, जबकि कैजुअल्टी में 44 बेड उपलब्ध हैं। मरीजों की अधिक संख्या के कारण अक्सर बेड कम पड़ जाते हैं। गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज देना पड़ता है। प्रदेश भर से सड़क दुर्घटना, सिर की चोट और अन्य इमरजेंसी स्थितियों के मरीज यहां पहुंचते हैं। कैजुअल्टी में एक साथ 70 से 80 मरीज स्ट्रेचर पर भर्ती रहते हैं। इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर काम का दबाव बहुत बढ़ जाता है। कैजुअल्टी में रेजिडेंट डॉक्टरों के 42 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 21 रेजिडेंट डॉक्टर कार्यरत हैं।अफसरों के अनुसार, जाॅइन किए नाै रेजिडेंट परीक्षा के कारण एक माह के अवकाश पर हैं।