अभ्यर्थी के अपलोड अभिलेखों को संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी को ई-लॉकर नंबर आवंटित किया जाएगा। एक बार ई-लॉकर नंबर मिल जाने के बाद मूलभूत विवरण (नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि, लिंग, आधार कार्ड के अंतिम छह अंक, मूल निवास का प्रदेश व जाति) को संशोधित नहीं किया जा सकेगा।
ऐसे में ओटीआर के समय विशेष सावधानी की आवश्यकता है। अभ्यर्थी के अपलोड अभिलेखों का सत्यापन उसे जारी करने वाली संस्था से डिजिटल माध्यम से अथवा अभिलेख सत्यापन के समय मैनुअली कराया जाएगा।