मौका पड़ने पर शेरों, तेंदुओं और इन्हीं जैसे छोटे मोटे हिंसक जानवरों से भी भिड़ जाने वाले शुतुरमुर्गों को वन्यजीव प्रेमी गोद भी ले सकेंगे।
उन्हें वे एक साल, 6 महीने, 3 महीने, एक महीने के लिये भी गोद लेकर अपना बना सकेंगे। इसके लिये जू प्रशासन योजना बना रहा है।
अकेले शुतुरमुर्ग ही नहीं सफेद बाघिन भी गोद लेने वाली योजना का हिस्सा बनेगी। आला अधिकारियों से हरी झंडी के बाद अगले हफ्ते तक लखनऊ जू में इसकी तैयारी पूरी हो जायेगी।
बीती जुलाई को लखनऊ जू में त्रिवेंद्रम से दो शुतुरमुर्ग शूतान-सुहारा, चेन्नई जू से अमा-चेरी के आ चुके हैं। तब से लगभग दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक वे जू की वन्यजीव अंगीकरण योजना का हिस्सा नहीं बन पाये हैं।
उस दौरान भिलाई जू से आई युवा सफेद बाघिन विशाखा भी अभी तक उस लिस्ट में शामिल नहीं हो पाई है।
लेकिन इधर इनको अंगीकृत करने के लिये लोगों की डिमांड, निदेशक कार्यालय में पूछताछ केचलते प्रशासन ने इन पांच वन्यजीवों को अंगीकरण योजना में लेने का प्लान बनाया है।
निदेशक जू अनुपम गुप्ता ने शुक्रवार को बताया कि आला अधिकारियों से चर्चा केबाद अगले हफ्त तक इन वन्यजीवों को भी योजना में शामिल कर दिया जायेगा।