सड़क हादसे के शिकार होने वाले लोगों की अक्सर कमर की हड्डी टूट जाती है। मेडिकल की भाषा में इसे पेल्विस फ्रैक्चर कहा जाता है। पेल्विस फ्रैक्चर के मरीज का सही समय पर सटीक इलाज हो तो अपंगता से बचाया जा सकता है।
ऑर्थो सर्जन को पेल्विस फ्रैक्चर की सर्जरी सिखाने के लिए 28 व 29 नवंबर को कैरियर मेडिकल कॉलेज में कैडवेरिक पेल्वी-एसटैबुलर फ्रैक्चर फिक्सेशन वर्कशॉप व सीएमई का आयोजन किया जाएगा। डॉक्टर्स डेडबॉडीज पर ऑपरेशन करना सीखेंगे।
यह जानकारी बृहस्पतिवार को लखनऊ ऑर्थोपैडिक क्लब के सचिव डॉ. हरीश मक्कड़ ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि वर्कशॉप में मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉ. राकेश सेन और एम्स दिल्ली के डॉ. विवेक तिरखा चिकित्सकों को डेड बॉडी पर पेल्विक सर्जरी कर दिखाएंगे।
डॉ. हरीश मक्कड़ ने बताया कि सौ में से छह लोग पेल्विक फ्रैक्चर की समस्या से पीड़ित हैं। सर्जरी के लिए बॉडी डेरा सच्चा सौदा से मुहैया कराई गई है।