कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह का आयोजन
लखनऊ। नव्य भारती साहित्य संस्थान की ओर से कैसरबाग के बीएन रोड पर कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह हुआ। डॉ. वंदना विशेष गुप्ता ने सरस्वती वंदना से शुरुआत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कवि आचार्य ओम नीरव ने गीत सुनाया- द्वेष के दुर्ग सारे ढहा दे कोई, एक फसल प्यार की लहलहा दे कोई, क्यारियां ये दिलों की हैं प्यासी बहुत, नैन से नेह गंगा बहा दे कोई।
मुख्य अतिथि समाजसेविका सोनू अग्रवाल और विशिष्ट अतिथि हास्य कवि महेश अस्थाना की मौजूदगी में संस्था अध्यक्ष भारती पायल ने कवि सम्मेलन का संयोजन किया और बाराबंकी से आए हास्य कवि संदीप अनुरागी ने संचालन किया। इस दौरान डॉ. निशा सिंह नवल ने माता-पिता पर एक गीत सुनाया- गुरु माता-पिता से ही हमें पहचान मिलती है, उन्हें मत कोशिशें करना कभी तुम आजमाने की। हास्य कवि गोबर गणेश ने शादी को व्यापार बताने वाली हास्य कविता से खूब ठहाके बिखेरे।
पूजा अग्रवाल ने प्रेम पर गीत सुनाया तो वहीं गजलकार डॉ. हिमांशु सक्सेना और अर्श लखनवी ने गजल सुनाई। शृंगार की कवयित्री शालिनी भट्ट धरा, कीर्ति वानी, गायत्री जोशी, अरविंद रस्तोगी, डॉ. रमा अग्रवाल, कन्हैया लाल, प्रमोद महाजन, प्रदीप सारंग, डॉ. स्वाति पांडेय, अनीता अरोड़ा, डॉ. सरिता सदाबहार और डॉ. रीमा सिन्हा आदि ने भी काव्यपाठ किया। संस्था के महामंत्री अनुराग अग्रवाल ने सभी का आभार जताया।
कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह का आयोजन