एसजीपीजीआई मैं भर्ती मरीज के लिए किडनी ले जाती चिकित्सकों की टीम।
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एसजीपीजीआई और केजीएमयू की टीम ने ब्रेन डेड मरीज के परिजनों की सहमति लेकर ऑर्गन डोनेशन कराया। लिवर और कार्निया का ट्रांसप्लांट केजीएमयू करेगा जबकि दोनों किडनी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एसजीपीजीआई भिजवाई गई हैं।
सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीज शुक्रवार को ब्रेन डेड हो गया। केजीएमयू के काउंसलरों की टीम ने परिजनों से संपर्क किया और अंगदान के लिए प्रेरित किया। काफी समझाने बुझाने के बाद परिजन तैयार हुए।
केजीएमयू और एसजीपीजीआई की संयुक्त टीम ने मरीज से उसके आर्गन डोनेट कराए। मरीज से मिले कार्निया और लिवर का ट्रांसप्लांट केजीएमयू अपने यहां भर्ती मरीज में करेगा। जबकि दोनों किडनी का ट्रांसप्लांट एसजीपीजीआई में भर्ती मरीज में किया जाएगा।
केजीएमयू से एसजीपीजीआई तक आर्गन ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। दोनों संस्थानों में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू हो गई है।