लखनऊ। पेशे से मजदूर उन्नाव के अचलगंज निवासी फूल सिंह की नवंबर 2016 में दुर्घटना में हुई मौत के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय ने इंश्योरेंस कंपनी को बीमा की पांच लाख की धनराशि देने का आदेश सुनाया है। इसमें से फूल सिंह की पत्नी को 2.5 लाख रुपये और शेष में से आधी-आधी रकम बेटी व बेटे को कंपनी की ओर से देने होंगे। वाद पर व्यय के लिए पांच हजार और मानसिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये भी इंश्योरेंस कंपनी ही देगी। इसके अलावा जनवरी 2019 से लेकर अब तक प्रति सप्ताह एक हजार रुपये की पेनाल्टी भी लगाई है।
फूल सिंह की हादसे में मौत के बाद उनकी पत्नी सरिता सिंह ने दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में बीमा के पांच लाख रुपये का क्लेम किया था। काफी समय तक इंतजार के बाद भी कंपनी ने भुगतान नहीं किया तो सरिता सिंह, उनके बेटे सौरभ और सौम्या ने 29 मई 2019 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय में वाद दायर किया। इस मामले में हजरतगंज में नवल किशोर स्थित न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के वरिष्ठ मंडलीय प्रबंधक, संस्थागत वित्त, बीमा एवं वाह्य सहायतित परियोजना के महानिदेशक और जिलाधिकारी लखनऊ को पार्टी बनाया गया। मामले की सुनवाई लंबी चली और गत एक दिसंबर को न्यायालय ने फैसला सुनाया।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय के अध्यक्ष अमरजीत त्रिपाठी और सदस्य प्रतिमा सिंह ने अपने फैसले में कहा कि 30 दिन के भीतर दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी परिवादियों को पांच लाख की बीमा राशि का भुगतान करे।