लखनऊ। अवैध डेयरियों और छुट्टा पशुओं के खिलाफ नगर निगम का अभियान शुक्रवार को भी विरोध के बीच चला। निशातगंज और ग्वारी में डेयरी संचालकों ने कार्रवाई का विरोध किया। निशातगंज में डेयरी संचालकों ने पशुओं वाले स्थान पर ताला लगा दिया और महिलाओं को गेट पर खड़ा कर दिया। प्रवर्तन दल ने काफी मशक्कत के बाद ताला तोड़कर पशुओं को बाहर निकाला। अभियान में कुल 34 पशु पकड़े गए।
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि निशातगंज छठी गली में एक डेयरी से नौ गाय पकड़ी गईं। टीम पहुंची तो संचालकों ने पशुओं वाले हिस्से में ताला लगा दिया। इसके बाद कई महिलाएं गेट पर आकर खड़ी हो गईं। काफी प्रयास के बाद प्रवर्तन दल की महिला कर्मचारियों ने उन्हें हटाया और पशुओं को पकड़ा। इसी गली से दो भैंस भी पकड़ी गईं।
इसके बाद नगर निगम की टीम ने गोमतीनगर के तखवा और कठौता में अभियान चलाया। तखवा में भी टीम का विरोध किया गया, हालांकि यहां स्थिति निशातगंज की अपेक्षा सामान्य रही। पूरे अभियान में 24 गाय, दो बछिया, एक बछड़ा और सात भैंस समेत कुल 34 पशु पकड़े गए। सभी को आलमबाग स्थित नगर निगम के कांजी हाउस में बंद किया गया है।
गाय छोड़ने की मांग पर नगर निगम में हंगामा
निशातगंज छठी गली से गाय पकड़े जाने के विरोध में स्थानीय महिला सपा नेता नगर निगम पहुंचीं। पहले उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई पर सवाल उठाए। इसके बाद शाम को वह पशु कल्याण अधिकारी के कार्यालय पहुंचीं और गायों को छोड़ने की मांग की। उन्होंने मांग पूरी न होने पर कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी भी दी। डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि जुर्माना जमा किए बिना पशुओं को नहीं छोड़ा जाएगा। एक गाय पर 10 हजार और भैंस पर 20,500 रुपये जुर्माना निर्धारित है। पशु छुड़ाने के लिए तीन दिन में डेयरी बंद करने का शपथ पत्र भी देना होगा।
लाइसेंस लेकर पाल सकते हैं दो गाय
पशु कल्याण अधिकारी ने बताया कि शहर में भैंस पालने पर पूरी तरह रोक है। वहीं, नगर निगम से लाइसेंस लेकर अधिकतम दो गाय पालने की अनुमति है। लाइसेंस के लिए घर में पर्याप्त जगह होना जरूरी है। पड़ोसियों को आपत्ति नहीं होनी चाहिए और गंदगी नहीं होनी चाहिए। नाली में गोबर बहाने पर भी रोक है। लाइसेंस शुल्क 500 रुपये है और हर साल इसका नवीनीकरण कराना होगा।