अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा बीच में छोड़ चुके युवाओं को फिर से आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए राज्य विश्वविद्यालयों को कौशल विकास का केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने सभी राज्य विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि वे अपने खाली पड़े शैक्षणिक भवनों और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए कम से कम 500 ऐसे युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दें, जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ दी, लेकिन हुनर सीखकर रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ना चाहते हैं।
मौका था राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर शुक्रवार को भागीदारी भवन में समरसता सेवा संस्थान एवं घुमंतू जनजाति परिषद की ओर से आयोजित कार्यक्रम का। इसमें राज्यपाल ने सिलाई एवं कढ़ाई प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, उनके हुनर की सराहना की तथा 10 सिलाई मशीनें भी वितरित कीं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रशिक्षण तभी सार्थक होगा, जब उसे पूरी लगन और मेहनत से सीखकर दक्षता हासिल की जाए। प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने घुमंतू एवं वंचित समुदाय के पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। कहा कि जिन लोगों को अभी तक भूमि के पट्टे, आवास, शौचालय सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका है, उनकी सूची तैयार की जाए। ग्राम प्रधान पात्र लाभार्थियों का विवरण तैयार कर जिलाधिकारी और राज्यपाल कार्यालय को भेजें, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। राज्यपाल ने घुमंतू समुदाय से ऐसे कम से कम 100 लोगों की सूची उपलब्ध कराने का भी आह्वान किया, जो किसी कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं। कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण, संस्थान के संस्थापक सुनील शर्मा, रीना सिंह, एमएलसी पवन कुमार सिंह, घुमंतू जनजाति परिषद के अवध प्रांत के संगठन मंत्री राजेश पांडेय सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने बेटियों से असामाजिक तत्वों से दूर रहने और शिक्षा व सुरक्षित भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। परिस्थितिवश बालिका गृहों में रहने वाली बेटियों के लिए भी प्रदेश के विश्वविद्यालय शिक्षा, कौशल विकास, पाक-कला, स्वास्थ्य देखभाल और पोषण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। काशी के बालिका गृह की बेटियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर संस्थानों में रोजगार से जोड़ने की पहल भी की जा रही है।
भागीदारी भवन में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। -जनभवन