राज्य सरकार ने यशभारती व पद्म पुरस्कार पाने वालों को हर माह 50 हजार रुपये पेंशन देने के मामले में बुधवार को स्थिति साफ करते हुए कहा है कि पेंशन केवल जरूरतमंद लोगों को ही दी जाएगी। पुरस्कार पाने वालों को स्वत: पेंशन नहीं मिलेगी, बल्कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें आवेदन करना होगा।
अखिलेश सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में यशभारती व पद्म पुरस्कार पाने वालों को हर माह 50 हजार रुपये पेंशन देने का निर्णय किया।
अमिताभ बच्चन के पेंशन न लेने के एलान के बाद राज्य सरकार के इस निर्णय पर बहस शुरू हो गई। वजह, राज्य सरकार ने समय-समय पर बड़ी हस्तियों मसलन फिल्मी कलाकारों व साहित्यकारों को यशभारती से नवाजा है।
मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अपनी उपलब्धियों और हुनर की बदौलत प्रदेश का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं के सम्मान व गरिमा को बनाए रखने के मकसद से 50 हजार रुपये पेंशन देने का फैसला किया गया है।
इसका लाभ केवल जरूरतमंद पात्रों को ही दिया जाएगा। मीडिया या अन्य स्रोतों से पूर्व में ऐसे मामले संज्ञान में आए कि कुछ सम्मानित व्यक्ति तंगी के दौर से गुजर रहे हैं, ऐसे ही जरूरतमंदों की मदद के लिए पेंशन योजना शुरू की जा रही है।