लखनऊ। जून 2018 में चारबाग स्थित एसएसजे इंटरनेशनल और विराट होटल में लगी भीषण आग में सात लोगों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई थी। दो घायलों ने अस्पताल में दम तोड़ा था। मुख्यमंत्री ने तत्कालीन एडीजी व वर्तमान डीजीपी राजीव कृष्ण की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की थी, जिसमें तत्कालीन एलडीए वीसी पीएन सिंह भी शामिल थे।
जांच समिति ने करीब चार महीने की पड़ताल के बाद विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट में एलडीए, जिला प्रशासन, अग्निशमन, बिजली, पर्यटन, आबकारी विभाग और नक्शा पास करने वाले आर्किटेक्ट तक को जिम्मेदार ठहराया गया था। समिति ने कठोर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश भी की थी। इसके बावजूद वर्षों तक फाइलें शासन और विभागों के बीच घूमती रहीं। नतीजा यह हुआ कि कई अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए, कुछ का निधन हो गया और कई महत्वपूर्ण पदों पर बने रहे। 2024 में सभी आरोपितों को दोषमुक्त करार दे दिया गया।
साल 2024 में ट्रांसपोर्ट नगर में बिल्डिंग गिरने से कई लोगों की मौत हो गई थी मामले में जांच ठंडे बस्ते में चली गई है। हादसे के बाद भी अब तक दोषी अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एलडीए की ओर से शासन को दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक उस पर कोई फैसला नहीं लिया गया।