नगरीय निकाय चुनाव में 17 नगर निगम के महापौर, 200 नगरपालिका परिषदों के अध्यक्ष और 545 नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए 5 दिसंबर को जारी आरक्षण प्रस्ताव पर आपत्तियां देने का आज अंतिम दिन है।
प्रदेश भर में है नगर विकास विभाग को बड़ी संख्या में आपत्तियां मिली है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरक्षण का निर्धारण जनसंख्या के अनुपात के अनुसार नहीं किया गया है।
नगर विकास विभाग की ओर से सोमवार शाम तक आपत्तियां स्वीकार की जाएगी और 2 दिन में 14 दिसंबर तक आपत्तियों का निस्तारण कर दिया जाएगा।
विभाग के सूत्रों के मुताबिक जहां आपत्तियां विधि संगत होंगी वहां पर ही परिवर्तन पर विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भाजपा के कई विधायक भी आरक्षण प्रस्ताव से सहमत नहीं है।