यदि आप राजनीति में दिलचस्पी रखते हैं और स्मार्ट फोन यूज करते हैं तो अपनी पसंदीदा या विरोधी पार्टी के बारे में ढेरों जानकारियां चंद मिनट में हासिल कर सकते हैं।
महज एक क्लिक से आप किसी भी पार्टी को सोशल मीडिया पर फॉलो या लाइक कर सकते हैं।
राजनीतिक दलों से जुड़े मनपसंद एप्स डाउनलोड कर सकते हैं। दरअसल 16वीं लोकसभा का चुनावी महासमर सोशल मीडिया पर भी लड़ा जा रहा है।
हर दल ने इसके लिए तैयारी की है। हालांकि सोशल मीडिया की ताकत का इस्तेमाल करने में भाजपा और आम आदमी पार्टी दूसरे दलों से आगे दिख रही हैं।
भाजपा: वेबसाइट पर हैं कई एप्स लिंक
इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के टूल्स को लेकर भाजपा काफी गंभीर और दूसरी पार्टियों से आगे है।
पार्टी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज ऐसे नेताओं में शुमार हैं जो ट्विटर पर लगातार एक्टिव रहते हैं।
पार्टी की वेबसाइट लॉगइन करते ही ऊपर दाईं तरफ एंड्रॉयड, ब्लैक बेरी, आईट्यून्स, ओवी डिवाइस के लिए एप्स लिंक हैं।
होम पेज पर राजनाथ सिंह, अटल, आडवाणी के साथ नवीनतम वीडियो के लिए लिंक्स हैं।
मीडिया के लिए टैब्स में नेताओं के भाषण और तस्वीरें हैं। इसके अलावा इवेंट, जॉइन अस, और कनेक्ट लिंक हैं।
कनेक्ट के जरिये फेसबुक अकाउंट से जुड़ा जा सकता है और और ई-मेल के लिए एप्स लिंक शेयर किया जा सकता है। लेकिन आईपैड का वर्जन मौजूद नहीं है। बीजेपी स्क्रीन में पार्टी के इतिहास और लीडरशिप का लिंक है।
इसमें एक लिंक रजिस्टर टू वोट, जॉइन द पार्टी और पोलिंग बूथ इन्फॉर्मेशन से संबंधित है। एक और महत्वपूर्ण एप्स मिशन 272 है।
'आप': न्यूज, वीडियो और ब्लॉग्स में बंटी स्क्रीन
राजनीति में सोशल मीडिया की शक्ति को पहचानने की शुरुआत ‘आप’ ने की।
अन्ना आंदोलन और इंडिया अगेंस्ट करप्शन के समय सोशल मीडिया से जुड़े लोगों की एक्सपर्ट टीम थी। एंड्रॉयड फोन पर ‘आप’ के एप्स का यूज करना आसान है।
इसमें फेसबुक, ट्विटर, गूगल अकाउंट या गेस्ट की तरह लॉग-ऑन करने का विकल्प है। स्क्रीन तीन हिस्सों में बंटा है, न्यूज, वीडियो और ब्लॉग्स। टच करने पर मीनू में इन कैटेगरी के साथ ही ऑनलाइन डोनेशन का लिंक भी है।
हालांकि स्वराज और जनलोकपाल पर ई-बुक का लिंक आसानी से नहीं खुलता। एप में टॉपिक बदलने की सुविधा और वीडियो ऑटोमेटिक प्लेइंग खास है।
कांग्रेस: वेबसाइट पर दिखाई जा रही अचीवमेंट्स
हालांकि कांग्रेस के केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ट्विटर के इस्तेमाल में बहुत आगे थे लेकिन पार्टी एप्स के यूज में भाजपा-आप से पीछे दिखती है।
कांग्रेस की वेबसाइट पर ट्विटर, फेसबुक, गूगल प्ले स्टोर, ऑवर विजन, पिछले 10 साल में गरीबी दूर करने के उपाय दिए गए हैं।
वेबसाइट में यूपीए सरकार की उपलब्धियों को कई एप्स के माध्यम से दिखाया गया है। एसएमएस अपडेट देने के लिए भी एक एप इस साइट पर जोड़ा गया है।
बसपा: वेबसाइअ पर सपा की विफलताओं का है जिक्र
बसपा की वेबसाइट में ऑवर प्रेसीडेंट, लीडरशिप, बीएसपी न्यूज, हिस्ट्री, अचीवमेंट और न्यूज नाम के विकल्प दिए गए हैं।
इनमें न्यूज का बेहतर विकल्प है। इसमें अधिकांश खबरें सपा सरकार की विफलताओं को लेकर होती हैं।
लीडरशिप में मायावती के साथ डॉ. एस. माने, सतीशचंद्र मिश्र, नसीमुद्दीन सिद्दीकी और स्वामी प्रसाद मौर्य के बारे में जानकारी दी गई है।
यूपी सरकार बनाने को अचीवमेंट विकल्प में जगह दी गई है। एप्स के लिहाज से वेबसाइट कमजोर है।
सपा: लोहिया के बाद मुलायम की बड़ाई
सपा की वेबसाइट का मुख्य फोकस पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पर है। इसमें लीडरशिप में बस दो नेताओं के नाम दिए गए हैं।
पहला डॉ. राममनोहर लोहिया और दूसरा मुलायम सिंह यादव का। इसके अतिरिक्त अबाउट पार्टी, कनेक्ट अस, उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य सामान्य विकल्प हैं।
‘मन से हैं मुलायम’ गीत को डाउनलोड करने का लिंक दिया गया है। नए थीम सॉन्ग का वीडियो भी इस साइट पर उपलब्ध है। मगर बहुत अधिक जनता को कनेक्ट करने वाले एप्स नहीं हैं।