समय के साथ-साथ प्रदेश में अपराध का तरीका भी बदल रहा है। ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराध के मामलों में साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है। बीते साल प्रदेश में 11 हजार से अधिक मामले साइबर क्राइम के दर्ज किए गए। बीते एक साल में कम्प्यूटर और ई-मेल हैक कर बड़ी फिरौती की मांग की गई।
किसी ने डॉलर में पैसे मांगे और किसी ने बिटक्वाइन में फिरौती मांगी। मामला पुलिस तक पहुंचा जरूर लेकिन ऐसे मामलों का पुलिस खुलासा अब तक नहीं कर सकी। हाल के दिनों का सबसे बड़ी फिरौती नोएडा में हल्दीराम ग्रुप का सिस्टम हैक कर मांगी गई। साइबर हैकर ने डाटा वापस करने के लिए साढ़े सात लाख डॉलर की मांग की।
हल्दीराम की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई। ग्रुप ने फिरौती देने से बेहतर अपने सभी कंप्यूटर को ही बदल दिया। जो फिरौती मांगी गई थी उसे रुपये में बदलने पर साढ़े पांच करोड़ रुपये से अधिक की थी। इसी तरह आगरा में एक फुटवियर कंपनी का ई-मेल हैक कर 1000 डॉलर की मांग की गई वहीं आगरा में ही एक ऑटो शो रूम का सिस्टम हैक कर डाटा वापस करने के लिए 20 बिटक्वाइन की मांग की गई।
एक बिटक्वाइन की कीमत इन दिनों 9.37 लाख रुपये है। यानी पौने दो करोड़ रुपये से अधिक की मांग की गई। इसी तरह गाजियाबाद में भी एक व्यक्ति का ई-मेल हैक कर उसके सारा महत्वपूर्ण डाटा गायब कर दिया गया। डाटा रिकवर करने के लिए पैसों की मांग की गई।