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एकेटीयू: कई कॉलेजों में कागज पर ही ऑनलाइन क्लास, स्टूडेंट्स परेशान

Fri, 09 Oct 2020 01:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो अक्षय कुमार/अमर उजाला, लखनऊ
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एकेटीयू
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ऑनलाइन क्लासेज के नाम पर कॉलेजों में कागजी खानापूर्ति ही की जा रही है। तमाम प्रयासों के बाद भी प्रदेश के काफी इंजीनियरिंग व फार्मेसी संस्थानों में ऑनलाइन क्लासेज नहीं शुरू हो पाई हैं। इसकी बानगी हाल में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) द्वारा शुरू किए गए ऑनलाइन अटेंडेस मॉनिटरिंग सिस्टम में देखने को मिली, जिसमें नए सत्र 2020-21 के दो महीने बाद भी 756 में से मात्र 70 कॉलेज ही ऑनलाइन अटेंडेस भेज रहे हैं।

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विद्यार्थी फिजिकल क्लासेज की मांग कर रहे हैं। कोरोना के कारण एक तरफ तो विद्यार्थियों का पिछला सत्र काफी प्रभावित हुआ। नए सत्र में 04 अगस्त से ऑनलाइन क्लासेज शुरू करने का निर्देश विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को दिया, लेकिन कई कॉलेज नहीं खुले। विवि ने इसकी मॉनिटरिंग भी नहीं की, लेकिन प्रमोशन के परिणाम आने के बाद क्लासेज तेज होनी चाहिए थीं पर ऐसा नहीं हुआ।

स्टूडेंट्स शिकायत कर रहे हैं कि कई जगह क्लासेज नहीं हो रही हैं। विवि ने भी जब ऑनलाइन अटेंडेस मॉनिटरिंग शुरू की तो पता चला कि अभी मात्र 70 कॉलेज ही अटेंडेस भेज रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी प्रैक्टिकल वाले विषयों को लेकर है। फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स का पिछला सेमेस्टर भी ऐसे ही गया। अब उनको चिंता सता रही है कि अगर ये सेमेस्टर भी बिना प्रैक्टिकल के गया तो उनकी पढ़ाई का क्या होगा? बीटेक के हर ईयर में 4 थ्योरी और 4 प्रैक्टिकल के पेपर होते हैं।

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नेटवर्क भी बड़ा मुद्दा

वहीं विवि इस सत्र के रिजल्ट जारी करने के बाद में दिसंबर-जनवरी में अगले सेमेस्टर की परीक्षा (फर्स्ट ईयर को छोड़कर) की तैयारियों में भी लग गया है। यही वजह है कि छात्र फिजिकल क्लासेज की मांग रहे हैं। विवि में क्लासेज की मॉनिटरिंग की व्यवस्था कड़ी न होने का भी असर पड़ रहा है। इसके लिए डीन स्तर से न तो कॉलेजों से संवाद किया जा रहा है न ही कोई निर्देश जारी किए गए हैं।

काफी स्टूडेंट्स ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। ऑनलाइन क्लासेज में कई बार नेटवर्क ठीक न होने से या तो शामिल नहीं हो पाते हैं या शामिल हुए तो आवाज नहीं आती है। नोट्स या वीडियो से पढ़ाई में दिक्कत आती है। एक-दो क्लास में ही डेटा भी समाप्त हो जाता है।

50% स्टूडेंट्स छोड़ रहे क्लास
आईईटी के एक शिक्षक ने बताया कि ऑनलाइन क्लासेज में बेहतर मॉनिटरिंग न होने का लाभ स्टूडेंट्स भी लेते हैं। उनकी क्लास में 60 में 30 स्टूडेंट्स ही उपस्थित रहते हैं। कुछ वीडियो-ऑडियो म्यूट कर देते हैं। जब कोई सवाल पूछिये तो जवाब नहीं मिलता है। एक-एक कर किसकी गिनती करेंगे और उसे अनुपस्थित करेंगे।

कॉलेजों को भेजेंगे निर्देश
ऑनलाइन अटेंडेस जो आ रही है, उससे अनुसार स्थिति खराब है। जल्द की कॉलेजों को ऑनलाइन क्लासेज के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे और इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी होगी। फिजिकल क्लासेज के बारे में निर्णय प्रदेश सरकार के निर्देश के अनुसार ही होगा। - प्रो. सुबोध बेरिया, डीन यूजी, एकेटीयू
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