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महिलाओं की पीड़ा होगी दूर, खुलेंगे तीन नए अस्पताल

Mon, 17 Nov 2014 01:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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महिलाओं को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए 200 बेड का बाल महिला चिकित्सालय नए साल में जनता को समर्पित होगा।
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गोमतीनगर विस्तार में 28.51 करोड़ रुपये से बन रहा ये शहर का तीसरा ऐसा अस्पताल होगा जहां महिलाओं और बच्चों को पूरी तरह से समर्पित होगा।

इसके अलावा मलिहाबाद में भी 30 बेड का बाल महिला चिकित्सालय बनाने के लिए बजट जारी कर दिया गया है।

मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की कड़ी में नए साल में दो और अस्पताल जुड़ेंगे।

गोमतीनगर विस्तार में 200 बेड के बाल महिला चिकित्सालय एवं प्रसूति गृह भी बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें प्रसव, महिलाओं से जुड़ी बीमारियों की सर्जरी, बच्चों का इलाज, एनआईसीयू की भी व्यवस्था होगी।

अभी तक हजरतगंज में झलकारी बाई महिला चिकित्सालय और पुराने लखनऊ के गोलागंज में वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय (डफरिन) में प्रसव व इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।
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इलाज का सुधरेगा स्तर

ये तीसरा अस्पताल होगा जहां सिर्फ महिलाओं और नवजात शिशुओं के इलाज की व्यवस्था होगी। इसके अलावा गोमती नगर में डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय, राजाजीपुरम में रानी लक्ष्मीबाई महिला चिकित्सालय में भी प्रसव व इलाज की सुविधा है।

शहरी की तरह की ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाल महिला चिकित्सालय बनाए जा रहे हैं। मलिहाबाद और मोहनलालगंज 30-30 बेड के दो बाल महिला चिकित्सालय बन रहे हैं।

यहां भी सामान्य प्रसव, सीजेरियन प्रसव और बच्चों के इलाज की व्यवस्था होगी। है। इन दोनों प्रसूति गृहों के लिए यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन को तीन करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए हैं।

राजधानी में ऐशबाग, अलीगंज, टूड़ियागंज, रेडक्रॉस, इंदिरा नगर, सरोजनी नगर, नवल किशोर रोड और आलमबाग में बाल महिला चिकित्सालय एवं प्रसूति गृह (बीएमसी) हैं।

30 बेड के इन प्रसूति गृहों में सामान्य व सीजेरियन प्रसव, नवजात बच्चों के इलाज की व्यवस्था है।
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