आईएम का आतंकी मिर्जा शादाब बेग यूपी एटीएस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ ही कई राज्यों की पुलिस के निशाने पर आ गया है। इस प्राइम टार्गेट को तलाशने की मुहिम शुरू हो गई है। उसके देश में ही कहीं छिपे होने की जानकारी है।
शादाब आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का वह सदस्य है जो असदुल्ला का काफी नजदीकी है और यूपी के अलावा दिल्ली व अन्य राज्यों में आईएम द्वारा किए गए विस्फोटों में शामिल रहा है।
खास बात यह कि यूपी में आईएम द्वारा अयोध्या व मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों पर धमाके करने के मंसूबे को अंजाम देने में शादाब को ही अहम भूमिका निभानी थी।
इंडियन मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर यासीन भटकल के साथ ही पकड़े गए उसके साथी ओहदेदार असदुल्ला उर्फ हड्डी से पूछताछ में यूपी के आजमगढ़ निवासी मिर्जा शादाब बेग का नाम सामने आया है।
दोनों आतंकियों से यूपी के धार्मिक स्थलों पर हमले की साजिश के सिलसिले में पूछताछ की गई थी। इसमें असदुल्ला ने बताया है कि साजिश को अंजाम देने में उसका पुराना साथी मिर्जा शादाब अहम भूमिका निभाता।
सितंबर 2008 में दिल्ली के बाटला हाउस मुठभेड़ के समय असदुल्ला वापस यूपी भाग आया था। वह सीधा आजमगढ़ कोतवाली क्षेत्र स्थित अपने आवास पहुंचा था।
जब उसे बाटला हाउस मुठभेड़ की जानकारी मिली तो वह फौरन इसी मोहल्ले में रहने वाले अपने साथी मिर्जा शादाब बेग के साथ उसी दिन फरार हो गया। यह जानकारी दिल्ली पुलिस को भी हुई थी।
इस मुठभेड़ में पुलिस ने आईएम के सदस्य आतिफ अमीन और छोटा साजिद को मार गिराया था जबकि मोहम्मद सैफ पकड़ा गया था।
सैफ से दिल्ली पुलिस को आईएम के अन्य सदस्यों के साथ ही कई और वारदातों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल हुई थी। दिल्ली पुलिस ने इस जानकारी को बाकायदा पत्रकार वार्ता कर बताया था।
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में हाईकोर्ट के समीप हुए विस्फोट, 2011 के मुंबई विस्फोट और हैदराबाद विस्फोट आदि में शादाब की भूमिका सामने आ चुकी है। इसके बाद से ही दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर इनाम रखा।
एनआईए ने भी शादाब पर दस लाख का इनाम रखा हुआ है। असदुल्ला और यासीन भटकल ने मिर्जा शादाब बेग के बारे बताया है कि वह देश के बाहर नहीं गया है। इसके बाद से ही केंद्रीय जांच एज़ेंसियों के साथ ही यूपी एटीएस ने उसकी तलाश की मुहिम शुरू कर दी है।